भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में कथित रूप से बढ़ते भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में बेहद कम दोषसिद्धि दर को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नहीं, बल्कि ‘जीरो एक्शन’ की दिखाई दे रही है।
एक प्रेस बयान में जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अब केवल एक समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसे “कैंसर” का रूप ले चुका है, जो पूरी सरकारी व्यवस्था को कमजोर कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारियों ने जनसेवा के लिए मिले पदों को व्यक्तिगत आय का सुरक्षित माध्यम बना लिया है।
लोकायुक्त के आंकड़ों का हवाला देते हुए पटवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े 1,063 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, लेकिन इनमें केवल सात मामलों में दोषसिद्धि हो सकी। उन्होंने कहा कि यह दोषसिद्धि दर महज 0.65 प्रतिशत है।
पटवारी ने कहा कि ये आंकड़े केवल भ्रष्ट अधिकारियों पर ही नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं, जो भ्रष्टाचार की पहचान तो करती है, लेकिन दोषियों को सजा तक पहुंचाने में कथित रूप से विफल रहती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई और अभियोजन स्वीकृति में होने वाली देरी भ्रष्टाचार के खिलाफ डर को खत्म कर रही है और आरोपियों को संरक्षण देने का काम कर रही है। पटवारी ने लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई, अभियोजन स्वीकृति में देरी समाप्त करने तथा कानून के तहत दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
