कासरगोड, नेपाल त्रासदी से सुरक्षित अपने घर लौटे केरल के कासरगोड निवासी अनिल नीलांबरी और राजन ने ईटीवी भारत के साथ अपनी रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान साझा की। उन्होंने बताया कि टूर प्लान में शामिल न होने के बावजूद ड्राइवर के कहने पर वे एक बौद्ध मंदिर में रुक गए थे, और वही 30 मिनट उनकी जिंदगी के लिए सबसे कीमती साबित हुए।
खौफनाक मंजर और सुरक्षित वापसी
पर्यटकों ने बताया कि उनकी आंखों के सामने तेज बाढ़ के पानी में गाड़ियां और इमारतों का मलबा बह रहा था। जंगली जानवरों के खतरे और अंधेरे जंगलों से गुजरते हुए बिना भोजन के उन्होंने किसी तरह जान बचाई। आखिरकार भारतीय सीमा पर पहुंचने और परिवारों से संपर्क होने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
अन्य पर्यटकों की वापसी और लापता लोग
एर्नाकुलम की एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए नेपाल गए 36 सदस्यों के इस समूह में से बाकी लोग विमान और ट्रेन के जरिए अपने गृह नगर लौट आए हैं। वहीं, नोर्का (NORKA) के अनुसार 44 सदस्यों का एक अन्य समूह सोमवार को कोझिकोड लौटेगा, जबकि अभी भी सात केरलवासियों की तलाश जारी है।

