पश्चिमी तट के गांव की घेराबंदी तेज, इजरायली सेना ने एकमात्र रास्ता बंद किया

अल-मुगय्यिर, 30 अगस्त (वार्ता) इजरायली सेना ने कब्जे वाले पश्चिमी तट के फलस्तीनी गांव अल-मुगय्यिर का एकमात्र बचा हुआ प्रवेश मार्ग लगातार 20 घंटे से बंद कर रखा है। इससे गांव के लोग अपने घरों में कैद हाेकर रह गए हैं। स्थानीय परिषद के प्रमुख अमीन अबू अलिया ने शनिवार को बताया कि पिछले 20 दिनों में गांव के निवासियों और किसानों के खिलाफ इजरायली पाबंदियां और हमले लगातार बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि गांव के एकमात्र बचे रास्ते को अक्सर सुबह बंद कर दिया जाता है, ताकि मजदूर अपने काम पर न जा सकें। बाद में इसे इस तरह बंद रखा जाता है कि गांव से बाहर गए लोग वापस भी न लौट सकें।

उनका आरोप है कि इन पाबंदियों का उद्देश्य ऐसी परिस्थितियां पैदा करना है, जिनमें फलस्तीनी मजदूरों को गांव से बाहर ही रहने के लिए मजबूर होना पड़े और अंततः फलस्तीनियों को इस इलाके से विस्थापित किया जा सके। श्री अलिया ने बताया कि शुक्रवार को इजरायली सेना ने दर्जनों सैन्य और पुलिस वाहनों के साथ गांव में छापा मारा। उनके साथ इजरायली कब्जाधारी भी मौजूद थे। कार्रवाई के लिए यह दावा किया गया कि एक कब्जाधारी की भेड़ें चोरी हो गई हैं। गांव परिषद के प्रमुख ने इस दावे को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद इजरायली सेना ने फलस्तीनी पशुपालकों का पीछा किया, एक घर में छापा मारा और भेड़ों को जब्त करने की कोशिश की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई फलस्तीनी घायल हो गये।

उनके अनुसार, छापे के बाद से गांव का प्रवेश मार्ग बंद है। इस दौरान राहत और बचाव वाहनों तथा एंबुलेंसों को भी गांव में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जब गांव के दक्षिणी हिस्से में फलस्तीनी लोग हमलों का सामना कर रहे थे, उसी दौरान 50 से अधिक इजरायली कब्जाधारी गांव के उत्तरी हिस्से में घुस गए। उन्होंने एक फलस्तीनी किसान पर हमला किया और उसकी 25 भेड़ें कथित तौर पर चुरा लीं। फलस्तीन के विदेश मंत्रालय ने भी शनिवार को अल-मुगय्यिर की स्थिति को लेकर चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, गांव पिछले करीब 20 दिनों से “दम घोंटने वाली घेराबंदी” का सामना कर रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि इजरायली सेना गांव के प्रवेश द्वारों पर नियंत्रण रखती है और कई बार ग्रामीणों को दिन में केवल दो घंटे के लिए गांव में आने-जाने की अनुमति देती है। फलस्तीनी विदेश मंत्रालय का आरोप है कि आवाजाही पर पाबंदियों और इजरायली कब्जाधारियों के हमलों का उद्देश्य गांव को आसपास के इलाकों से अलग-थलग करना और ऐसी परिस्थितियां पैदा करना है, जिनसे फलस्तीनियों को जबरन विस्थापित किया जा सके। अल-मुगय्यिर में शुक्रवार को कब्जाधारियों के हमले में तीन फलस्तीनी घायल हुए थे। मंत्रालय के मुताबिक, घायलों को ले जाने के लिए पहुंच रही एक एंबुलेंस को भी इजरायली सेना और कब्जाधारियों ने रोक दिया। गाजा पट्टी में अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से कब्जे वाले पश्चिमी तट में फलस्तीनियों के खिलाफ इजरायली सैन्य छापों और कब्जाधारियों के हमलों में लगातार वृद्धि देखी गयी है।

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