
नयी दिल्ली, 29 अगस्त (वार्ता) केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने मनोविकारों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के गलत इस्तेमाल और तस्करी का खुलासा करते हुए करीब 66.80 लाख गोलियां जब्त की है और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीएन की मध्य प्रदेश इकाई ने यह कार्रवाई की है। पंजाब-हिमाचल प्रदेश कॉरिडोर के रास्ते भारी मात्रा में इन दवाओं के अवैध कारोबार की जानकारी मिली थी। सीबीएन की टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत 27-28 अगस्त को चंडीगढ़-बद्दी अंतरराज्यीय मार्ग पर रणनीतिक रूप से तैनाती की।
इस कार्रवाई में मनोचिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली 66,79,980 गोलियों की बड़ी खेप जब्त की गयी। इसमें एल्प्राजोलम, ट्रैमाडोल, निट्राजेपम और क्लोनाजेपम दवाएं शामिल थीं। ये दवाएं आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों के बिना ले जायी जा रही थीं। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और एक ट्रक जब्त किया गया। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि रातभर निगरानी रखने के बाद 27 अगस्त को टीम ने उत्तर प्रदेश नंबर वाले एक संदिग्ध एसएमएल इसुजु सरताज ट्रक को रोका और विस्तृत तलाशी के लिए उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। कार्गो की कार्टन-दर-कार्टन गहन जांच के दौरान 120 मास्टर कार्टन मिले, जिनमें अवैध रूप से परिवहन की जा रही दवाएं थीं।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि अवैध कारोबार को छिपाने के लिए बड़ी मात्रा में ब्लिस्टर स्ट्रिप और डिब्बों से बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि मिटा दी गयी थी। बड़ी मात्रा में ऐसी दवाएं भी मिलीं जिन पर अंग्रंजी में “नॉट टू बी सोल्ड इन पंजाब हरियाण स्टेट” यानी “पंजाब हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए नहीं” अंकित था। इन दवाओं को बिना वैध दस्तावेजों, जैसे इनवॉइस, बिल्टी या ई-वे बिल, के इस क्षेत्र में ले जाया जा रहा था। संबंधित धाराओं के तहत एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है।
