नयी दिल्ली 28 अप्रैल (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80 वें सत्र की अध्यक्ष एनेलेना बेयरबॉक ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के बीच वैश्विक सहयोग को मजबूत करने तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति नए सिरे से प्रतिबद्धता की अपील की है।
सुश्री बेयरबॉक ने विदेश मंत्री डा एस जयशंकर के साथ मंगलवार को यहां वार्ता के बाद एक प्रेस वार्ता में कहा कि बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज संयुक्त राष्ट्र, बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून केवल दबाव में नहीं हैं, बल्कि सीधे हमले के अधीन हैं।” उन्होंने शांति एवं सुरक्षा, विकास और मानवाधिकार के स्तंभों में बढ़ते विखंडन और तनाव की ओर भी संकेत किया।
सुश्री बेयरबॉक ने जोर देकर कहा कि कोई भी देश अकेले आपस में जुड़ी वैश्विक चुनौतियों का समाधान नहीं कर सकता। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 जैसे वैश्विक स्वास्थ्य संकट, तथा यूक्रेन युद्ध सहित संघर्षों और वैश्विक व्यापार मार्गों में व्यवधान के आर्थिक प्रभावों पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना और सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करना सभी के हित में है।”
इससे पहले उन्होंने डॉ. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें साझा वैश्विक प्राथमिकताओं पर सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने देश को बहुपक्षीय समाधानों को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया।
अध्यक्ष ने एक अधिक कुशल और उत्तरदायी संयुक्त राष्ट्र की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार प्रयासों का उद्देश्य देश के स्तर पर बेहतर कार्यान्वयन और लोगों के जीवन पर अधिक प्रभाव सुनिश्चित करना है।
सुश्री बेयरबॉक सरकार के निमंत्रण पर व्यापक एशिया यात्रा के हिस्से के रूप में भारत आईं हैं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों, भारत में संयुक्त राष्ट्र टीम तथा भूटान में संयुक्त राष्ट्र टीम के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। वह आगे की उच्च स्तरीय बैठकों के लिए बुधवार से गुरुवार तक चीन की यात्रा करेंगी।
इससे पहले डाॅ जयशंकर ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ,” आज दोपहर संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनेलेना बेयरबॉक की मेजबानी करना सुखद रहा। हमने संयुक्त राष्ट्र 80, सतत विकास लक्ष्यों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावों और पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की। हमने इस बात पर जोर दिया कि बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है, ताकि वह आज की वास्तविकताओं, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण की स्थितियों, को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित कर सके। संयुक्त राष्ट्र में उनके नेतृत्व और योगदान के लिए उनका धन्यवाद किया।”
