
नयी दिल्ली, 29 अगस्त (वार्ता) सीएनजी की बढ़ी कीमतों के बीच सरकार ने शनिवार को दावा किया कि संपीडित बायोगैस (सीबीजी) के दाम बढ़ाने से सीएनजी और पीएनजी उपभोक्ताओं पर बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। सीबीजी भी सीएनजी के एक घटक में शामिल है। सरकार ने पिछले दिनों सीबीजी उत्पादकों के लिए विक्रय मूल्य 43 प्रतिशत बढ़ाकर 2,110 रुपये प्रति 10 लाख बीटीयू कर दिया था। पहले इसकी कीमत 1,478 रुपये प्रति 10 लाख बीटीयू थी। इसके बाद, दिल्ली और आसपास के इलाकों में गैस की आपूर्ति करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने आज से सीएनजी की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ाने की घोषणा की है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि गोबरधन योजना के तहत सीबीजी की संशोधित कीमत से सीएनजी और घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं पर बहुत अधिक बोझ नहीं पड़ेगा। मंत्रालय ने बताया कि कीमत में 632 रुपये की बढ़ोतरी में 215 रुपये सरकार सब्सिडी के रूप में दे रही है जो लगभग 10 रुपये प्रति किलोग्राम है। सरकार की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “इसलिए, गैस उपभोक्ताओं के एक बड़े समूह से वसूल की जाने वाली प्रभावी सीबीजी लागत 1,895 रुपये प्रति 10 लाख बीटीयू होगी।” इससे प्रभावी वृद्धि लगभग 28 प्रतिशत ही है। मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा नये ढांचे के तहत सीबीजी की कुल लागत घरेलू गैस के एक ऐसे आधार पर वितरित की जायेगी जो पहले के आधार से लगभग ढाई-तीन गुना बड़ा होगा। इससे व्यक्तिगत गैस उपभोक्ताओं पर कम से कम प्रभाव पड़ेगा।
