
बागली। श्रावणी उपाकर्म के पावन अवसर पर आज सीतावन क्षेत्र के सनातनियों ने नर्मदा के पवित्र तट धाराजी घाट पर वैदिक परंपरा एवं विधि-विधान के साथ श्रावणी उपाकर्म संस्कार पुर्ण किया
इस अवसर पर उपस्थित सभी ने दशविधि स्नान, हेमाद्रि संकल्प, सप्तऋषि पूजन, नूतन यज्ञोपवीत धारण, सूर्योपस्थान, हवन एवं पूजन सहित विभिन्न धार्मिक कर्मकांड वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न किए।
सम्पूर्ण अनुष्ठान पं. कमलेश पाठक के आचार्यत्व में विधिवत सम्पन्न हुआ। इस दौरान विप्र बंधुओं ने सनातन वैदिक परंपराओं का पालन करते हुए धर्म, संस्कार एवं संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।
पूजन में प्रफुल्ल पाठक, अजय शर्मा, अशोक शर्मा, कैलाश शर्मा, राकेश जोशी, राकेश शर्मा, अक्षत पाठक, अथर्व दुबे, निलेश शर्मा सहित अनेक विप्र बंधुओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर यज्ञोपवीत धारण करते हुए वैदिक मंत्र का उच्चारण किया गया—
ॐ यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं
प्रजापतेर्यत्सहजं पुरस्तात्।
आयुष्यमग्र्यं प्रतिमुञ्च शुभ्रं
यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः।।
मां नर्मदा के पावन तट पर सम्पन्न इस धार्मिक आयोजन से वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। विप्र बंधुओं ने सनातन संस्कृति की प्राचीन परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। सभी विप्र बंधुओ ने धाराजी से लौटकर मैया मनोकामनेशवरी श्री मैया नर्मदा मंदिर पर माता जी के दर्शन का लाभ लिया
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