नयी दिल्ली, 28 अगस्त (वार्ता) ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और एकदिवसीय कप्तान पैट कमिंस ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल सहित कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों की याचिका का समर्थन किया है, जिसमें जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए सम्मानजनक उपचार और उचित अदालत-निर्देशित चिकित्सा देखभाल की मांग की गई है।
चैपल की अगुवाई वाली और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संबोधित याचिका पर भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर, कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर ने भी हस्ताक्षर किए हैं। इसमें पाकिस्तानी अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है कि खान की उनके परिवार तक पहुंच हो और उन्हें स्वतंत्र चिकित्सा जांच मिले।
कमिंस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं यहां जीसी और अन्य पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के प्रति अपना समर्थन जोड़ रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि अदालत द्वारा आदेशित चिकित्सा मूल्यांकन को अपना काम करने की अनुमति दी जाएगी, और पारिवारिक मुलाकातें जारी रहेंगी। मुझे उम्मीद है कि इमरान खान के साथ उस सम्मान के साथ व्यवहार किया जाएगा जिसका हर कोई हकदार है।”
याचिका पर कुल 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें सर एलिस्टेयर कुक, माइकल आथर्टन, स्टीव वॉ, एडम गिलक्रिस्ट और नासिर हुसैन शामिल हैं। उन्होंने खान के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की, विशेष रूप से तीन साल से अधिक हिरासत में रहने के बाद, उनकी दाहिनी आंख की महत्वपूर्ण दृष्टि हानि की रिपोर्ट पर।
पत्र में कहा गया है, “इमरान खान 73 साल के हैं और अब तीन साल से अधिक समय हिरासत में बिता चुके हैं। उनके मामले को लेकर कानूनी और राजनीतिक दलीलें जो भी हों, अदालत द्वारा आदेशित चिकित्सा प्रक्रिया को वास्तव में पूरा करना सुनिश्चित करने की बुनियादी शालीनता, हमारे विचार में, एक विवादास्पद अनुरोध नहीं है।”
पूर्व कप्तानों ने तीन प्रमुख मांगें कीं: सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित बोर्ड द्वारा पूर्ण चिकित्सा मूल्यांकन जिसमें खान के निजी डॉक्टर शामिल हों, साप्ताहिक पारिवारिक दौरे जारी रखें और मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर तत्काल उपचार।
याचिकाकर्ताओं ने खुद को ‘पूर्व सहयोगियों और प्रतिद्वंद्वियों के रूप में वर्णित किया है जो क्रिकेट के मैदान पर बने बंधन को साझा करते हैं’ जो ‘सीमाओं और विवादों से परे है जो अक्सर देशों को विभाजित करते हैं।’
