इंदौर:देश में एक तरफ प्रधानमंत्री पेट्रोल डीजल बचाने के बात कह रहे हैं. वहीं दूसरी ओर इंदौर नगर निगम सीएनजी बसों की जगह डीजल बसें चला रहा है. इतना ही नहीं नगर निगम की 150 सीएनजी बसें खड़ी होकर धूल खा रही है. नई इलेक्टि्रक बसें आने से बाद नगर निगम द्वारा अटाले में तब्दील होती बसों की तरफ ध्यान देना ही उचित नहीं समझा जा रहा है.
शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव प्रधानमंत्री की पेट्रोल डीजल बचाने की अपील को अमल में लेकर हफ्ते एक दिन चार पहिया वाहन की जगह दो पहिया वाहन पर घूम कर कार्य कर रहे हैं. महापौर पर्यावरण संरक्षण के भी बात कर सौर ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन कम करने को लेकर जनता से आग्रह कर रहे हैं. वहीं नगर निगम शहर में सीएनजी बसें बंद कर डीजल बसें चला रहा है.
डीजल बसें भी अधिकतर खटारा हो चुकी है और उनसे शहर में भारी प्रदूषण फैल रहा है. साथ ही निगम की खटारा बसों से शहर में कार्बन उत्सर्जन कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कई बार आंकड़े जारी कर बता चुका है कि शहर में प्रदूषण खतरे के निशान को छूने की करीब है. नगर निगम ने प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सीएनजी बसें चलाई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही शहर से सीएनजी बसें गायब होकर स्टार चौराहे के पास सरकारी जमीन पर अटाले में तब्दील होने की प्रक्रिया चल रही है.
220 बसें चल रही शहर में
नगर निगम की शहर में 220 बसें चल रही है, जिसमें 50 बसें इलेक्टि्रक बाकी सब डीजल बसें चल रही है और वो भी खटारा हो चुकी है. कुल मिलाकर शहर में नगद निगम के अधीन एआईसीटीएसएल बसों का संचालन करता है, लेकिन प्रधानमंत्री की पेट्रोल डीजल बचाने के अपील पर ध्यान नहीं दे रहा है. यही कारण है कि शहर में सीएनजी की बसें अटाला बनाने के लिए खड़ी कर दी गई. एक बात और सामने आई हैं सीएनजी बसें इसलिए बंद कर दी गई है कि बस ऑपरेटरों द्वारा एआईसीटीएसएल को 2.20 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है, इसलिए बसें खड़ी कर ली गई. ऑपरेटर बसें चलाने को तैयार नहीं है.
ऑपरेटर बसें चलाने तैयार नहीं
एआईसीटीएसएल के सीईओ अर्थ जैन ने कहते है कि ऑपरेटरों से 2.20 करोड़ लेना है. उनकी बैंक गारंटी हमारे पास जमा है. हमने कई बार नोटिस दिए है, लेकिन सीएनजी ऑपरेटर बसें चलाने को तैयार नहीं है. आगे कंपनी 18 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जब्त करने की कार्रवाई करेगी.
एक्सपर्ट के अनुसार घातक है प्रदूषण का बढ़ना
शहर के पर्यावरणविद डॉ. शंकरलाल गर्ग ने कहा कि इंदौर में दिन प्रतिदिन प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। इसका एक कारण डीजल पेट्रोल से चलने वाली बसे भी है। प्रधानमंत्री डीजल पेट्रोल के खपत कम करने का बोल रहे है। वही दूसरी ओर शहर में सीएनजी बसें बंद कर डीजल बसें चलाना प्रदूषण को बढ़ाता है। मेरी राय है कि शासन और प्रशासन ,नगर निगम को प्रदूषण बढ़ाने वाले वाहनों को कम करने पर विचार करना चाहिए। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का उपयोग कम से कम करना चाहिए।
