
सीधी।रक्षाबंधन के पावन पर्व के सुअवसर पर बाल टोली ‘मोगली पलटन’ द्वारा अपने अभियान ”त्योहार का त्योहार 3.0” के तहत पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति-मानव संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक गरिमापूर्ण एवं नवाचारी पहल करते हुए ‘सुरक्षा बंधन’ का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के अंतर्गत पलटन के बाल सेनानियों ने क्षेत्र के विशाल एवं छायादार वृक्षों को राखी बाँधकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन की सामूहिक प्रतिज्ञा ली।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारतीय संस्कृति के कालजयी ध्येय वाक्य “वृक्षो रक्षति रक्षितः” (अर्थात: जो वृक्ष की रक्षा करता है, वृक्ष उसकी रक्षा करता है) की अवधारणा रही। इस सिद्धांत को आत्मसात करते हुए मोगली पलटन के बच्चों ने यह संदेश रेखांकित किया कि मानव जीवन का अस्तित्व पूर्णतः प्रकृति के संतुलन पर निर्भर है; अतः वृक्षों की सुरक्षा ही वस्तुतः संपूर्ण समाज की सुरक्षा है।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भावी पीढ़ी में बचपन से ही जैव विविधता और वृक्षावरण के प्रति व्यावहारिक उत्तरदायित्व का बीजारोपण करना रहा। केवल नए पौधे लगाने तक सीमित न रहकर, विद्यमान वृक्षों की कटाई रोकने और उनके पोषण का दीर्घकालिक दायित्व उठाने का दृढ़ संकल्प लिया गया। रक्षाबंधन जैसे पारम्परिक पर्व के सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व का विस्तार करते हुए इसे सीधे पर्यावरण सुरक्षा के राष्ट्रीय कर्तव्य से जोड़ने का एक सफल प्रयास इस जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से किया गया।
मोगली पलटन के समन्वयकों का मत है कि आधुनिक विकास की होड़ में प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव चिंताजनक है। ऐसे समय में बाल मन में पर्यावरण के प्रति आत्मीयता और सह-अस्तित्व का भाव जगाना ही ‘सुरक्षा बंधन’ का मूल ध्येय है।
समारोह के समापन पर उपस्थित बाल प्रतिनिधियों एवं आम जनों ने नए वृक्षारोपण के साथ-साथ हरित धरोहरों को अक्षुण्ण बनाए रखने की संयुक्त शपथ ग्रहण की। स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग ने मोगली पलटन के इस दूरगामी और प्रेरणादायी प्रयास की भूरि-भूरि सराहना की।
