सतना : जिला चिकित्सालय परिसर में स्थापित और पिछले काफी समय से धूल फंांक रहे आक्सीजन प्लांट की सर्विसिंग शुरु हो गई है. भोपाल से पहुंचे टेक्रीशियंस ने गुरुवार से प्लांट की साफ-सफाई करते हुए उसे सुचारु बनाने का प्रयास शुरु कर दिए.जिला चिकित्सालय परिसर में डीआडीओ के मार्गदर्शन में एल एण्ड टी कंपनी द्वारा आक्सीजन प्लांट स्थापित सितंबर 2021 में किया गया था. कोविड के दूसरे चरण में लिक्विड आक्सीजन की मांग को देखते हुए यह प्रयास किया गया था. 1-1 हजार किलो लीटर प्रति घंटे की क्षमता वाले 2 आक्सीजन प्लांट कुछ समय तक तो ठीक से चले.
लेकिन वारंटी पीरियड समाप्त हो जाने और कोविड के हाशिए पर जाने के बाद इसके रख रखाव को भी नजरअंदाज कर दिया गया. जिसके चलते कुछ समय बाद इन्हें बंद कर दिया गया. हलांकि सर्विसिंग को लेकर कई बार मामला गर्माया लेकिन बजट के आभाव में वह संभव नहीं हो सका. वहीं लापरवाही का आलम यह रहा कि मार्च 2026 के अंत में किसी तरह बजट मिला. लेकिन वित्त वर्ष समाप्त होने पर वह भी लैप्स हो गया.
लिहाजा सर्विसिंग के लिए नए सिरे से कवायद की जाने लगी. अस्पताल प्रबंधन की मानें तो दोनों प्लांट की सर्विसिंग में लगभग साढ़े 6 लाख रु के खर्च का अनुमान है. जिसकी व्यवस्था होते ही सर्विसिंग कराने की प्रकिया शुरु कर दी गई. इसी कड़ी में भोपाल से इंजीनियर और टेक्रीशियन सतना पहुंच गए और गुरुवार से अपना कार्य करना शुरु कर दिया. अब देखने वाली बात होगी कि सर्विसिंग की निर्धारित प्रक्रिया कितनी पूरी हो पाती है और दोनों प्लांट सुचारु होने के बाद कितने समय तक साथ निभा पाएंगे.
