कलेक्टर ने ग्राम ढोढ़न, पलकौन्हा में तीन घंटे तक की जमीन पर बैठकर जनसुनवाई 

छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना अंतर्गत प्रभावित ग्राम ढोढ़न और पलकौन्हा में लगाए गए शिविर का फॉलोअप लेने के लिए बुधवार को कलेक्टर मृणाल मीना ने ग्रामीणों के बीच बैठकर करीब तीन घंटे तक जनसुनवाई की और प्रत्येक ग्रामीण की व्यथा, पीड़ा और समस्याओं को एक-एक कर सुना। इस दौरान पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एसडीएम विजय द्विवेदी सहित राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों के बैंक खातों में मुआवजा राशि का भुगतान विफल हुआ है, उनके बैंक खाते संबंधी विवरण शीघ्र ही अपडेट कर पुनः भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे हितग्राही परेशान न हों, पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि शीघ्र पहुंचाई जाएगी। शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों में पात्र हितग्राहियों के पुनर्वास पैकेज की राशि भी नियमानुसार प्रक्रियाधीन है।

जिन विस्थापित लोगों के पास आयु संबधी दस्तावेज नहीं है। उनकी आयु निर्धारण के लिए लगातार जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है।

आयु संबंधी संदेह वाले व्यक्तियों का अगर कभी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ तो विशेष रूप से उनका मेडिकल परीक्षण जिला अस्पताल में कराया जा रहा है। डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आयु का निर्धारण किया जाएगा और पात्र व्यक्तियों को ही पुनर्वास पैकेज का लाभ मिलेगा।

पुनर्वास राशि का सदुपयोग कर मकान निर्माण शुरू करें

कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की कि जिन परिवारों को मुआवजा एवं पुनर्वास राशि प्राप्त हो चुकी है, वे राशि का सदुपयोग करते हुए प्राथमिकता से अपने मकान का निर्माण शुरू करें। उन्होंने कहा कि राशि का दुरुपयोग न करें। जिन परिवारों के मकान बन चुके हैं, वे बिना किसी भ्रम के स्वेच्छा से विस्थापित ग्राम से अन्य स्थान पर शिफ्ट हो जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्वास पैकेज की राशि निर्धारित नियम एवं प्रक्रिया के अनुसार पात्र हितग्राहियों को ही दी जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि यदि प्रभावित ग्रामों के लोग एक स्थान पर एक साथ बसना चाहते हैं तो प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता दिखाते हुए उपयुक्त जमीन चिन्हित कर जमीन उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा। उन्होंने करौंदिया में मकान निर्माण के लिए आवंटित जमीन पर समय पर मकान निर्माण शुरू करने को कहा।

कलेक्टर ने बताया कि करौंदिया में मकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के साथ महिला एवं बाल विकास अधिकारी को 48 घंटे के भीतर अस्थायी आंगनवाड़ी निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वास्थ्य एवं विद्युत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शैक्षणिक गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी। सड़कों की मरम्मत का कार्य किया गया है तथा वर्तमान में बोरवेल और हैंडपंप के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था की गई है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक घर को जल जीवन मिशन से जोड़ने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने ग्रामीण को बताया कि विस्थापित ग्रामों के जो धार्मिक स्थल हैं उन स्थलों एवं मूर्तियों को सांस्कृतिक एवं धार्मिक रीति रिवाज के साथ जहां ग्रामीण एक साथ बसाहट में अपने घर बनाएं वहां शिफ्ट किया जाएगा।

कलेक्टर ने डैम साइट का भी निरीक्षण कर निर्माण कार्य कर रही एनसीसी कंपनी के अधिकारियों को डैम साइट की सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

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