दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू, एक सितंबर से पात्र महिलाओं के खातों में आएंगे 2,500 रुपये

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (वार्ता) दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बुधवार को ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की औपचारिक शुरुआत की।
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज यहाँ एक कार्यक्रम में योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एक सितंबर से हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। योजना के लिए अब तक 9.22 लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया है और सत्यापन के बाद 4,190 पात्र लाभार्थियों के स्वीकृति पत्र जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा, आत्मविश्वास और अपने फैसले स्वयं लेने की क्षमता देने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2,500 रुपये की मासिक सहायता में 1,000 रुपये डिजिटल वॉलेट के माध्यम से खर्च के लिए उपलब्ध होंगे, जबकि 1,500 रुपये एफडी/आरडी के रूप में जमा किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत भी तैयार होगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पहुंचे।

केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘गारंटी’ को पूरा करने वाला कदम बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार द्वारा महिलाओं और बेटियों के हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने योजना को महिलाओं के सम्मान, सशक्तीकरण और वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि देश की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है और विकसित दिल्ली तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी बराबर की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने योजना में डिजिटल ट्रांसफर की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन और तीज के अवसर पर शुरू की गई यह योजना दिल्ली की बहनों के लिए विशेष सौगात है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिल्ली की महिलाओं के लिए ‘तीज का सिंधारा’ और ‘राखी की सौगात’ बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें रोजगार और कारोबार के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है। इसी दिशा में दिल्ली में छोटे उद्यमियों के लिए 10 करोड़ रुपये तक के बिना गारंटी ऋण की व्यवस्था की गई है।मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार की अन्य महिला-केंद्रित पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’, ‘विद्या वाहिनी योजना’, ‘पालना योजना’, ‘पिंक कार्ड’ और ‘अन्नमोल योजना’ सहित विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों के जीवन को आसान बनाना तथा उन्हें अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।

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