सीधी :जिले में दो दिन में घटी दो घटनाओं के बाद जर्जर भवनों का सर्वे और समुचित कार्यवाही को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसों को जर्जर भवन आमंत्रण दे रहे हैं।
बताते चलें कि जिले में सोमवार और मंगलवार को जर्जर भवनों के चलते दो बड़े हादसे हो चुके हैं। सोमवार को जहां रामपुर नैकिन न्यायालय परिसर में जर्जर बंदी गृह कक्ष की दीवार के दोपहर बारिश के दौरान भरभराकर गिरने से बारिश से बचने के लिये वहां मौजूद 4 लोग इसकी चपेट आ गये थे, 2 लोगों की इस घटना में मृत्यु हुई और एक घायल जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा है।एक घायल की हालत ठीक बताई गई है। इस घटना के बाद सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात बारिश के दौरान छत्रसाल स्टेडियम काम्पेलक्स की दुकानों के जर्जर भवन का छज्जा गिर गया। गनीमत थी कि रात का समय होने से वहां कोई मौजूद नहीं था। इस घटना के बाद जर्जर भवनों पर कार्रवाई को लेकर मांग तेज हो गई है। शहर में कई ऐसे शासकीय बड़े भवन हैं जिनकी हालत काफी जर्जर है। जर्जर भवनों में कई सरकारी स्कूलों के भवन भी शामिल हैं।
विकास एवं सामुदायिक भवन की स्थिति ठीक नहीं
शहर में नगर पालिका के तीन मजिला विकास भवन की हालत काफी जर्जर है। खासतौर से भवन के पीछे का हिस्सा काफी दयनीय हालत में है। इसी तरह तीन मंजिला सामुदायिक भवन की हालत भी काफी खस्ता है। शहर की सांदीपनि विद्यालय का भवन भी काफी जर्जर हालत में है।
इनका कहना है
जर्जर भवनों के सर्वे हेतु पूर्व में भी संबंधित विभागों को पत्र जारी किए गए थे। अभी फिर पत्र जारी किया गया है, आगे इसमें लापरवाही करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
विकास मिश्रा, कलेक्टर सीधी
