चांदी महंगी हुई तो कारीगरों ने बदला फॉर्मूला, कम वजन में बना रहे डिजाइनर राखी

इंदौर:चांदी के दाम भले ही ऊंचाई पर हों, लेकिन रक्षाबंधन से पहले इंदौर के सराफा बाजार में चांदी की राखियों की चमक बरकरार है. महंगी चांदी के बावजूद ग्राहक बजट और डिजाइन का संतुलन साधते हुए खरीदारी कर रहे हैं. बाजार में 100 रुपए से शुरू होकर 1500 से 1800 रुपए तक की चांदी की राखियां उपलब्ध हैं.

इस बार राखियों में डिजाइन की खास विविधता देखने को मिल रही है. खाटू श्याम, गणेश, स्वस्तिक, ओम और भाईभाभी की जोड़ी वाली राखियां पसंद की जा रही हैं. धार्मिक प्रतीकों वाली राखियों में जहां आस्था का रंग है, वहीं भाईभाभी की जोड़ी वाली डिजाइन रिश्ते की भावनाओं को खास अंदाज में पेश कर रही है. युवा ग्राहकों के बीच डायमंड लुक, स्टोन वर्क, ब्रेसलेट और चेन स्टाइल की राखियां आकर्षण का केंद्र हैं. चांदी के बेस पर चमकदार स्टोन की फिनिश इन्हें पारंपरिक राखियों से अलग लुक दे रही है.

महंगी चांदी का तोड़- कम वजन, ज्यादा डिजाइन
चांदी महंगी होने से बाजार में हल्के वजन की राखियों का चलन बढ़ा है. कारीगर कम चांदी में आकर्षक डिजाइन तैयार कर रहे हैं, जिससे ग्राहक कीमत को बजट में रखते हुए मनपसंद राखी खरीद पा रहे हैं. 100 रुपए की सादगी से लेकर 1800 रुपए की डिजाइनर चमक तक, हर बजट के लिए विकल्प मौजूद हैं. कीमत चांदी के वजन, डिजाइन और कारीगरी के आधार पर तय हो रही है.

राखी नहीं, भाई के लिए यादगार तोहफा
चांदी की राखी की खासियत यह है कि इसे रक्षाबंधन के बाद भी संभालकर रखा जा सकता है. यही वजह है कि ग्राहक इसे सिर्फ राखी नहीं, बल्कि भाई के लिए यादगार उपहार के तौर पर भी देख रहे हैं. सराफा बाजार का इस बार का फॉर्मूला भी दिलचस्प है- चांदी कम, डिजाइन दमदार और चमक भरपूर. महंगी धातु ने जहां वजन पर असर डाला है, वहीं डिजाइन की चमक और राखी खरीदने के उत्साह पर कोई खास असर नहीं पड़ा है. रक्षाबंधन से पहले सराफा बाजार में खाटू श्याम से गणेश, स्वस्तिक से भाई-बहन की जोड़ी और पारंपरिक डिजाइन से डायमंड लुक तक की राखियां बदलते फैशन और ग्राहकों की पसंद का नया अंदाज दिखा रही हैंय

रक्षाबंधन के बाद भी रख सकेंगे संभालकर
इंदौर सराफा बाजार के कारोबारी सचिन सोनी ने बताया कि चांदी की राखियों के थोक भाव 100 से 1500 रुपए तक हैं. इस बार डिजाइनर रुद्राक्ष, खाटू श्याम और डायमंड लुक वाली राखियां खास पसंद की जा रही हैं. अधिकांश राखियां 925 टच व हॉलमार्क वाली हैं, जबकि कुछ 999 शुद्धता की चांदी में भी उपलब्ध हैं. शुद्ध चांदी की होने से भाई इन्हें रक्षाबंधन के बाद भी यादगार और कीमती वस्तु के रूप में संभालकर रख सकेंगे.

भाई के प्यार के आगे महंगाई के मायने नहीं
राखी खरीदने पहुंचीं अंजलि गुर्जर ने बताया कि जब चांदी का भाव करीब 40 हजार रुपए था, तब भी उन्होंने चांदी की राखियां खरीदी थीं. अब भाव करीब ढाई लाख रुपए पहुंचने के बावजूद राखी खरीदने में उन्हें कोई झिझक नहीं है. उनका कहना है भाई के प्यार के आगे महंगाई मायने नहीं रखती. वह हर रक्षाबंधन पर अलग डिजाइन की राखी खरीदकर भाई की कलाई पर बांधती हैं.

वजन हल्का किया
व्यापारी रवि नीमा के अनुसार, महिलाएं रेशम की डोर वाली चांदी की राखियों को पसंद कर रही हैं. चांदी महंगी होने के कारण राखियों का वजन हल्का किया गया है, लेकिन डिजाइन और बारीक कारीगरी पर खास ध्यान दिया गया है. आकर्षक डिजाइन और शुद्धता के कारण हल्की राखियां भी खरीदारों को खूब लुभा रही हैं.

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