
जबलपुर:बड़ी जद्दोजहद के बाद समर्थन मूल्य पर शुरु हुई ग्रीष्मकालीन फसल मूंग-उड़द की खरीद बीच में अटक गई है। जानकारी के अनुसार शनिवार से पोर्टल ब्लॉक होने के कारण किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। जिसके कारण जिले के किसान काफी परेशान हैं। वहीं जिले के अधिकारियों का कहना है कि भोपाल से ही पोर्टल में कुछ प्रॉब्लम आई है, जिसके लिए सुधार कार्य में लगे हुए हैं, जल्द ही शुरू होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा जिले में ग्रीष्म कालीन मूंग एवं उड़द का उपार्जन 7 जुलाई से 8 अगस्त तक किया जाना है। जिसके लिए जिले में 12 केंद्र स्थापित किए हैं। इसके अलावा जिले में कुल 18 हजार 512 किसानों ने मूंग एवं उड़द के उपार्जन के लिए अपना पंजीयन कराया है।
अभी तक 4781 स्लॉट बुक, आज अंतिम तिथि
कृषि उपसंचालक डॉ एसके निगम से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक 4781 स्लॉट किसानों द्वारा बुक किए गए हैं। परंतु शनिवार से बंद हुए पोर्टल के कारण दूसरे किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। जिसके चलते अभी जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं उनकी खरीदी चल रही है।
मतलब है की शान द्वारा स्टॉल बुकिंग करने की अंतिम तिथि 29 जुलाई घोषित की गई थी, परंतु पिछले शनिवार से बुकिंग पोर्टल बंद होने से किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पाए हैं। अगर आज भी पोर्टल शुरू नहीं हुआ तो बचे हुए किसानों की स्लॉट बुकिंग नहीं हो पाएगी।
6 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा हुई खरीदी
कृषि उपसंचालक से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सोमवार तक मूंग और उड़द की खरीदी में 2937 किसानों से 6106 मीट्रिक टन फसल का उपार्जन हुआ है। जिसमें 2172 किसानों ने 4307 मीट्रिक टन मूंग और 765 किसानों ने 1799 मीट्रिक टन उड़द समर्थन मूल्य पर बेची है।
भारत कृषक समाज ने की मांग
भारत कृषक समाज के अध्यक्ष इंजी. के के अग्रवाल ने शासन प्रशासन से खरीद सिस्टम में तत्काल सुधार के साथ स्लॉट बुकिंग तथा खरीद अवधि में बढ़ोतरी की मांग की है। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव भोपाल को मेल से पत्र प्रेषित किया गया है। कलेक्टर को भी वर्तमान स्थितियों की वास्तविकता से अवगत कराते हुए किसानों की मांग शासन तक पहुंचाने का आग्रह किया गया है।
इनका कहना है
शनिवार से ही बुकिंग पोर्टल में कुछ गड़बड़ी सामने आई है, जिसके बाद से किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। यह समस्या भोपाल से हुई है, जो सुधार कार्य में लगे हुए हैं, जल्द ही पोर्टल शुरू हो जाएगा।
डॉ एस के निगम, कृषि उपसंचालक
