इंदौर: राधिका कुंज कॉलोनी में विवादित प्लॉट और रास्ते पर टीन शेड डालकर बनाई गई छह दुकानों और ऑफिसों को क्राइम ब्रांच ने सील कर दिया. पुलिस के मुताबिक इनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था और संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब चार करोड़ रुपए है. कार्रवाई रंगदारी और अवैध कब्जे के मामले में गिरफ्तार मुख्तियार खान के खिलाफ चल रही जांच के दौरान की गई.
राधिका कुंज कॉलोनी में विवादित जमीन और रास्ते पर टीन शेड डालकर छह दुकानें और ऑफिस बनाए गए थे. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस टीम ने 24 अगस्त को मौके पर पहुंचकर सभी छह निर्माणों को सील कर दिया. कार्रवाई का उद्देश्य संपत्ति में किसी तरह के बदलाव या हस्तांतरण को रोकना है. इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्तियार खान के एलआईजी लिंक रोड स्थित निवास की भी तलाशी ली. यहां से संपत्ति से संबंधित दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली, जिन्हें जांच में शामिल किया है.
पुलिस अब नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों से आरोपी की दूसरी संपत्तियों की जानकारी भी जुटा रही है. मामले में डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी ने नव भारत को बताया कि दर्ज प्रकरण की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. आरोपी से पूछताछ के साथ उसके नेटवर्क और अवैध गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है. संबंधित विभागों से प्राप्त जानकारी का परीक्षण किया जा रहा है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.
30 से ज्यादा पुराने केस…
मुख्तियार खान के खिलाफ इंदौर और बड़नगर के अलग अलग थानों में 30 से ज्यादा अपराध दर्ज हैं. इनमें मारपीट, धमकी, अवैध कब्जे, रंगदारी, धोखाधड़ी, हथियार रखने और एससी एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े मामले शामिल हैं. कई मामले अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं, एक पुराने मामले में उसे सजा भी हो चुकी है. वर्तमान प्रकरण में पुलिस ने मुख्तियार खान के खिलाफ रंगदारी, अवैध कब्जे और धमकी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार मामले में एक सह-आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, मुख्तियार से पूछताछ जारी है.
