इंदौर: शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मंगलवार को बाणगंगा क्षेत्र में एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई की. चना, मूंगफली, परमल और मटर की प्रोसेसिंग से जुड़ी इकाइयों की जांच के दौरान करीब 4 हजार किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई. एक फर्म ऐसी भी मिली, जहां खाद्य कारोबार का वैध पंजीयन या लाइसेंस ही उपलब्ध नहीं था.
सबसे ज्यादा कार्रवाई विशाल नगर स्थित न्यू एनके चना परमल में हुई. टीम को परिसर में चना, पीनट और परमल की प्रोसेसिंग होती मिली, जबकि सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी. अधिकारियों ने चना, पीनट-दाना और तले हुए मटर के पांच सैंपल लिए और करीब 1,950 किलो सामग्री, जिसकी कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये बताई गई है, जब्त कर ली. इसके बाद टीम शिवम ट्रेडर्स पहुंची. यहां पैक और खुले रूप में रखी मूंगफली के चार नमूने लिए गए. करीब 280 किलो मूंगफली जब्त की गई. वहीं बाणगंगा मेन रोड स्थित अमरनाथ चना परमल भंडार से मूंगफली, चना और मटर के चार नमूने लिए गए और करीब 1,377 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई.
बिना लाइसेंस चल रही थी प्रोसेसिंग
बाणगंगा स्थित राजकुमार जायसवाल फर्म की जांच में खाद्य पंजीयन या लाइसेंस नहीं मिला. यहां से 300 किलो मूंगफली दाना और 150 किलो धनिया पाउडर जब्त किया गया. अधिकारियों ने मौके पर ही प्रकरण तैयार कर खाद्य पदार्थों के निर्माण और प्रोसेसिंग का काम बंद करा दिया.
शिकायतों ने भी खोली पोल
कार्रवाई का दायरा केवल बाणगंगा तक सीमित नहीं रहा. शिकायत के आधार पर सिंधी कॉलोनी स्थित सतगुरु बेकर्स की जांच में अस्वच्छ परिस्थितियों में केक बनता मिला. वैध खाद्य पंजीयन भी प्रस्तुत नहीं किया गया. टीम ने केक का नमूना लिया. इसी तरह मनोरमागंज स्थित चाय ठिकाना से बन मस्का और पनीर के नमूने लिए गए, जबकि कुशवाहा नगर के यादव श्री रेस्टोरेंट से गुलाब जामुन और मोतीचूर लड्डू के नमूने जांच के लिए लिए गए.
रिपोर्ट मिलने पर होगी कार्रवाई
खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि सभी नमूनों की प्रयोगशाला जांच होगी. रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी
