
शाजापुर, नगरवासियों को नगर पालिका द्वारा जलशुद्धिकरण केंद्र पर पानी में एलम और ब्लिचींग पावडर डालकर पानी को साफ किया जाता है. यहां पर पानी खुले टैंक में स्टोर किया जाता है. ऐसे में यहां पर हर किसी को वैसे तो जाने की अनुमति नहीं होना चाहिए, लेकिन जल शुद्धिकरण केंद्र पर किसी के भी आने-जाने पर कोई रोकटोक नहीं है. इसके चलते कोई भी समाजकंटक यहां पर कभी भी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है.
पूरे नगर को नगर पालिका द्वारा दो हिस्सों में बांटकर अलग.अलग दिन एक-एक हिस्से में नल के माध्यम से जल वितरण करती है. इसके लिए जलशुद्धिकरण केंद्र पर 24 घंटे पानी को स्टोर करके उसे फिल्टर करके नलों के माध्यम से पहुंचाया जाता है. इसके लिए पूरे नगर में पाइप लाइन भी डाली हुई है. इन सभी बातों से पता लगता है कि जल वितरण व्यवस्था में कोई गड़बड़ी नहीं है, लेकिन जब जलशुद्धिकरण केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था की बात आती है तो यहां पर व्यवस्था गड़बड़ दिखाई देती है. शहरी हाइवे पर स्थित जलशुद्धिकरण केंद्र का गेट 24 घंटे खुला रहता है. यहां पर कोई ऐसा सुरक्षाकर्मी भी तैनात नहीं है जो आने जाने वालों को रोक सके. हर कोई यहां पर किसी भी समय अंदर पहुंच सकता है. खास बात तो यह है कि यहां स्थित फिल्टर प्लांट और जल स्टोर करके रखने वाले टैंक तक भी हर कोई पहुंच जाता है. इससे यहां पर नगरवासियों को जो जल वितरण हो रहा है उसकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिखाई दे रहे है. ऐसे में यहां पर कोई भी समाजकंटक कभी भी जल वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी कर सकता है. जिसे रोकने टोकने वाला कोई भी नहीं है.
इनका कहना है
यह सही है कि जलशुद्धिकरण केंद्र पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं है. गेट भी टूटने की जानकारी मिली है. समाजकंटकों के भी वहां बैठने की बात पता लगी है. ऐसे में यहां पर सुरक्षा व्यवस्था को शीघ्र ही पुख्ता किया जाएगा. साथ ही समाजकंटकों को यहां से हटवाया जाएगा.
-भूपेंद्रकुमार दीक्षित, सीएमओ, नपा, शाजापुर
