नई दिल्ली, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद तथा हरियाणा के फरीदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई एक ऐसी इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कंपनी से जुड़े मामले में की गई है, जिस पर बिना किसी वास्तविक सामान की आवाजाही के फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए अवैध रूप से आईटीसी तैयार करने का गंभीर आरोप है।
करोड़ों के फर्जी लेनदेन का खुलासा
जांच के दौरान एक ऐसा संदिग्ध नेटवर्क सामने आया है, जिसमें बड़े पैमाने पर सर्कुलर ट्रांजैक्शन, फंड की लेयरिंग और अस्तित्वहीन कंपनियों के जरिए अवैध रूप से पैसे निकालना शामिल है। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने लगभग 9.63 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी लेने और 10.28 करोड़ रुपये का आईटीसी आगे पास करने का मामला पकड़ा है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है।
डिजिटल सबूतों और मनी ट्रेल की जांच
सोमवार को हुई इस छापेमारी के दौरान ईडी की टीमें अपराध से जुड़ी कमाई का पता लगाने और पैसों के लेन-देन के पूरे रास्ते (मनी ट्रेल) को समझने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। एजेंसी इस घोटाले में शामिल अन्य कंपनियों और लाभार्थियों की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है ताकि फर्जी नेटवर्क से जुड़े सभी ठोस डिजिटल और कागजी सबूत जुटाए जा सकें।

