कोलंबो, भारत और श्रीलंका के बीच खेले जाने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में बदलाव की वकालत की है। उनका मानना है कि श्रीलंकाई टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मजबूत मौजूदगी को देखते हुए, कुलदीप यादव की जगह एक ऑफ-स्पिनर को शामिल करना भारतीय गेंदबाजी क्रम के लिए ज्यादा असरदार साबित हो सकता है। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान श्रीलंकाई बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम के स्कोर में बड़ा योगदान दिया था।
सरांश जैन को मिल सकता है डेब्यू का मौका
मांजरेकर के अनुसार, यदि कोलंबो की पिच सूखी रहती है और टर्न लेती है, तो ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर सरांश जैन को उनके टेस्ट करियर का पहला मैच खेलने का मौका दिया जा सकता है। पहले टेस्ट में भारत ने तीन बाएं हाथ के स्पिनरों को मैदान पर उतारा था, लेकिन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ रणनीति को और धार देने के लिए ऑफ-स्पिन गेंदबाजी का विकल्प टीम के लिए अधिक विविधता और संतुलन लेकर आ सकता है।
कुलदीप के लिए रणनीति में बदलाव की सलाह
संजय मांजरेकर ने यह भी स्पष्ट किया कि कुलदीप यादव को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि यदि वे प्लेइंग-11 का हिस्सा बनते हैं तो उन्हें अपनी गति और लेंथ में सुधार करना होगा। मांजरेकर की सलाह है कि धीमी फ्लाइट और सही लाइन के साथ गेंदबाजी करने पर कुलदीप भी हर पारी में अपनी गेंदबाजी से कमाल दिखा सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट कुलदीप पर भरोसा बरकरार रखता है या नए स्पिन विकल्प के साथ मैदान पर उतरता है।

