नई दिल्ली, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की हालिया ‘इकोवैप’ रिसर्च रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मौद्रिक नीति समिति (MPC) के सदस्यों का रुख महंगाई को लेकर काफी सख्त हो गया है, जिसके चलते आगामी अक्टूबर महीने की नीतिगत समीक्षा में ब्याज दरें बढ़ने की पूरी संभावना बन रही है।
कमजोर मानसून और सूखे का संकट
ब्याज दरों में इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे देश में मानसून की खराब स्थिति और अनाज उत्पादक राज्यों में सूखे जैसे हालात मुख्य वजह बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कई जिलों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण खुदरा महंगाई दर (CPI) के आगामी महीनों में 6 प्रतिशत के पार जाने का अनुमान है, जिससे केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरों को नियंत्रित करने का दबाव बढ़ गया है।
आर्थिक चुनौतियां और दोहरी मार
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच घरेलू मोर्चे पर महंगाई को काबू करना और आर्थिक रफ्तार को बनाए रखना आरबीआई के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। यदि ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है, तो आम जनता और लोन लेने वाले ग्राहकों की मासिक ईएमआई (EMI) पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

