ग्वालियर: शहर के प्राचीन श्री सनातन धर्म मंदिर में पुत्रदा एकादशी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार एवं मधुर संकीर्तन से गूंज उठा।
मंदिर अध्यक्ष विजय गोयल, प्रधानमंत्री रमेश चंद्र गोयल लल्ला, कोषाध्यक्ष राकेश बंसल एवं धर्म मंत्री रविंद्र सिंघल चौबे ने बताया कि एकादशी पर्व पर भगवान चक्रधर एवं श्री गिरिराज धरण का विशेष एवं मनमोहक श्रृंगार किया गया।
मुख्य पुजारी पंडित रमाकांत शास्त्री ने भगवान चक्रधर को सुनहरी किनारी की लाल पगड़ी, मोरपंख, श्वेत कलंगी, मकराकृत कुण्डल, मोतियों से जड़ा कण्ठा एवं गुलाब,गेंदा तुलसी दल की पुष्पमालाओं से अलंकृत कर दिव्य स्वरूप प्रदान किया। हरे चौड़े पट्टे की सुनहरी कढ़ाई की हुई लाल मखमली पोशाक में ठाकुरजी का स्वरूप अत्यंत आकर्षक लग रहा था। हिंडोला उत्सव में ठाकुर जी को सेव, नाशपाती, केले के हिंडोले में झुलाया गया।
इस अवसर पर भक्तों को एकादशी व्रत कथा का श्रवण कराया गया तथा राधा रसोई में निर्मित फलाहारी भोग भगवान को अर्पित किया गया।
भक्तों ने श्री गिरिराजधरण की परिक्रमा लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। संध्या आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया तथा शयन आरती में ठाकुरजी को दूध एवं पान का भोग अर्पित किया गया।
वृंदावन से पधारे संत श्री देवराहा बाबा की परंपरा के वामन महाराज आश्रम के मुख्य महंत गोविन्द दास महाराज भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। उनके सानिध्य में मंदिर परिसर में संकीर्तन हुआ। “हरे कृष्ण हरे राम”, “श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी” एवं “भरोसो दृढ़ हरि चरणन केरो” जैसे मधुर भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर ब्रजेश भुजंग, राजेश गर्ग, संतोष गुप्ता, राधेश्याम मंगल, बृजेश पाठक, हरि शिवहरे एवं बंसलजी सहित बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धालु उपस्थित रहे।
