
शाजापुर, जातिगत आरक्षण मुक्त भारत, एससी एसटी एक्ट और यूजीसी रेगुलेशन एक्ट के विरोध में रविवार को सवर्ण एकता मंच के बैनर तले सर्व समाज के लोग सडक़ पर उतरे. बस स्टैंड पर एकत्रित होकर अपनी बात रखी. फिर रैली के रुप में शहर के आजाद चौक पहुंचे.
यहां यूजीसी रोल बैक की मांग को लेकर जयपुर में किए गए प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए देवराजसिंह पालड़ा के निधन पर मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई. साथ ही सरकार की सदबुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया. इसके बाद जातिगत आरक्षण, एससी एसटी एक्ट और यूजीसी रेगुलेशन एक्ट के विरोध में समाज के साथ खड़े नहीं होने वाले सवर्ण समाज के नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई. कहा कि आज समाज को जरूरत के समय राजनैतिक पार्टियों और सरकार में विभिन्न पदों पर बैठे समाज के नेता आवाज नही उठा रहे हैं. इसलिए वह समाज के लिए मृतक के समान हैं और समाज उनकी आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि दे रहा है.
आजाद चौक में समापन
बस स्टैंड पर प्रदर्शन के बाद पैदल रैली की शुरुआत हुई. जो शहर के आजाद चौक पहुंची. यहां भी रैली को समाजजन ने संबोधित किया. दिल्ली के जंतर-मंतर पर सवर्ण समाज के लोगों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को इस रैली के माध्यम से समर्थन की बात कही. कहा कि सवर्ण समाज समानता का अधिकार पाने और अपने बच्चों को उनका हक दिलाने के लिए इसी तरह आवाज उठाता रहेगा.
जातिगत आरक्षण सभी समाज के लिए श्राप…
बस स्टैंड पर प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने संबोधित किया. करणी सेना प्रदेश संगठन मंत्री अजीत सिंह डोडिया और जिलाध्यक्ष सोनू बना, पेंशनर संघ के ओपी विजयवर्गीय, राजेंद्र रिणवा, रघुवीरसिंह पंवार, संतोष शर्मा, दिलीप शर्मा के अलावा सवर्ग समाज के अन्य लोगों ने बताया कि जातिगत आरक्षण सवर्ण समाज ही नहीं बल्कि सभी समाज के लोगों के लिए श्राप है. हम आरक्षण या किसी जाति वर्ग के खिलाफ नहीं हैं. हम सिर्फ ऐसी व्यवस्था के खिलाफ हैं, जिसका लाभ जरूरतमंदों को न मिले और प्रतिभाओं का गला घोंटा जाए. भेदभाव किया जाए. सवर्ण एकता मंच सरकार से सभी समाजों को समानता की नजर से देखने की मांग करता है और ऐसे एक्ट, कानून आदि को वापस लेने की मांग करता है. जिनसे समाज में दूरियां बढ़े और भेदभाव की स्थिति बने. आखिरी में एसडीएम मनीषा वास्कले को ज्ञापन सौंपा गया.
