उधमपुर, 22 जनवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को उधमपुर से नागरिक हवाई सेवाओं के संचालन की प्रगति की समीक्षा की और घोषणा की कि उधमपुर के वायु सेना स्टेशन के भीतर एक अंतरिम टर्मिनल बिल्डिंग के साथ नागरिक उड़ानें शुरू की जायेंगी।
एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के बीच करीबी समन्वय जारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि मौजूदा सुविधाओं और अंतरिम व्यवस्थाओं के साथ अगले 6-7 महीनों के भीतर उड़ान परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि 2014 के बाद चिनाब क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसकी प्रधानमंत्री बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, जो समावेशी और क्षेत्रीय विकास के लिए सरकार की पहल को दर्शाता है। उन्होंने विकास पर निरंतर ध्यान देने और वंचित एवं दूर-दराज के क्षेत्रों के उत्थान के वादे को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया, जिससे चेनाब क्षेत्र के लिए कई आवागमन विकल्प सुनिश्चित हुए हैं।
डॉ. सिंह ने दोहराया कि नागरिक विमानन सचिव के नेतृत्व में की गयी कई सक्रिय बैठकों ने निर्णयों को तेजी से लागू करने और अंतर-विभागीय मुद्दों को हल करने में मदद की है। उन्होंने यह भी साझा किया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्त्व वाली केंद्र शासित प्रदेश सरकार के सहयोग से अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, ताकि आगामी वर्षों में उधमपुर में पूर्ण हवाई अड्डे का विकास संभव हो सके। उन्होंने रक्षा हवाई क्षेत्र से नागरिक एयरलाइंस को सक्षम बनाने में भारतीय वायु सेना के सहयोग और सुविधा के लिए आभार व्यक्त किया। बढ़े हुए हवाई संपर्क के फायदों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि इस पहल से यात्रा में काफी आसानी होगी और चिनाब क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विशेष रूप से चार जिलों को लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि उड़ान योजना के तहत किश्तवाड़ में भी इसी तरह की आवागमन सुविधा की पहल की जा रही है। इससे क्षेत्रीय पहुंच और बढ़ जायेगी।उधमपुर प्रमुख आवागमन केंद्र के रूप में उभरा है, जो हवाई, रेल और सड़क समेत बहु-मॉडल यात्रा विकल्प पेश करता है। उन्होंने उल्लेख किया कि उधमपुर रेलवे स्टेशन को अमृत रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है और इस क्षेत्र को एक एक्सप्रेस कॉरिडोर के जरिये भी जोड़ा जा रहा है। इससे दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों की यात्रा सुविधाजनक होती जा रही है।
बैठक को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मंत्री ने कहा कि लिए गये निर्णयों से उड़ान संचालन की सफल शुरुआत का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के समन्वित प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और परियोजना के समय पर क्रियान्वयन की सुनिश्चितता के लिए निरंतर निगरानी का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा, जम्मू-कश्मीर सरकार के नागरिक उड्डयन सचिव नवीन एस एल, भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष विपिन कुमार, जम्मू के मंडलायुक्त रमेश कुमार, कार्यकारी निदेशक (योजना) नंदिता भट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
