इंदौर:शहर में डॉग और कैट बाइट के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में अलग अलग जानवरों के काटने के 4755 मामले सामने आए. इनमें डॉग बाइट के 4118 और कैट बाइट के 341 केस हैं. इसके अलावा रैट बाइट के 211 और मंकी बाइट के 80 मामले दर्ज हुए. अगस्त में भी डॉग बाइट का सिलसिला जारी है और 1 से 19 अगस्त तक 2464 केस सामने आ चुके हैं.
जुलाई के डॉग बाइट मामलों में 2628 पुरुष, 789 महिलाएं और 701 बच्चे शामिल हैं. यानी हर दिन औसतन 133 से अधिक लोग इसकी चपेट में आए. कैट बाइट के 341 मामलों में 171 पुरुष, 123 महिलाएं और 47 बच्चे हैं. इसके बाद रैट बाइट के 211 मामलों में 124 पुरुष, 68 महिलाएं और 19 बच्चे तथा मंकी बाइट के 80 मामलों में 46 पुरुष, 23 महिलाएं और 11 बच्चे शामिल हैं. अन्य जानवरों के काटने के पांच मामले भी दर्ज किए. अगस्त के शुरुआती 19 दिनों के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता बताते हैं.
इस दौरान 2464 डॉग बाइट केस दर्ज हुए, यानी रोजाना औसतन करीब 130 लोग इसकी चपेट में आए. जुलाई के पूरे महीने में दर्ज 4118 मामलों की तुलना में यह आंकड़ा 19 दिन में ही करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. स्वास्थ्य विभाग में दर्ज अधिकृत आंकड़ों के अनुसार जुलाई में दर्ज सभी 4755 बाइट केस में डॉग बाइट की हिस्सेदारी करीब 87 प्रतिशत रही. यानी शहर में पशु काटने की घटनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा डॉग बाइट का है और इसके बाद कैट बाइट के मामले हैं. मामले में हुकुमचंद पॉलीक्लिनिक प्रभारी डॉ. आरके पटेल ने बताया कि 9 अगस्त को उदयनगर में एक ही डॉग द्वारा एक दर्जन से अधिक लोगों को काटने का मामला भी सामने आया था. घायलों को उपचार और एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई गई.
