बड़ा निवेश के बावजूद कई क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार का काम अधूरा

इंदौर: शहर में जलापूर्ति के सुधार के लिए अमृत-4 योजना के तहत करोड़ों रुपये के कार्य जारी हैं. हालांकि बड़े पैमाने पर निवेश और पाइपलाइन विस्तार के बावजूद कई क्षेत्रों में काम अधूरा है, परीक्षण के दौरान लीकेज और कम दबाव जैसी समस्याओं के कारण लोगों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है.ऐसी ही स्थिति अग्रसेन चौराहा और छावनी के बीच स्थित वार्ड 63 के शंकर बाग क्षेत्र में सामने आई है.

यहां वर्षों पुरानी नर्मदा लाइन के कारण कम और दूषित पानी की शिकायतें बनी हुई थीं, समस्या के समाधान के लिए अमृत-4 योजना के तहत नई पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन कई स्थानों पर लाइन पहुंचने के बावजूद रहवासियों को नए कनेक्शन नहीं दिए गए, जबकी कनेक्शन के नाम पर राशि भी जमा कराई गई, लेकिन आज तक पानी की सुविधा नहीं मिल सकी. ऐसे में सैकड़ों परिवार अब भी सरकारी बोरिंग पर निर्भर हैं. बोरिंग खराब होने पर लोगों को आसपास के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता है या निजी टैंकर मंगवाकर पानी खरीदना पड़ता है. रहवासियों ने नगर निगम से अधूरा काम पूरा कर जल्द कनेक्शन देने की मांग की है.

यह बोले रहवासी

क्षेत्र में सालों से पानी की समस्या बनी हुई है. पूरी पट्टी में पानी नहीं आता. घर के सामने से ही नई लाइन गुजर रही है, फिर भी हमें कनेक्शन नहीं दिए. हम बोरिंग के सहारे पानी का गुजारा कर हैं.
– भागवंती जोगी

पानी बोरिंग से भरते हैं, अगर बोरिंग खराब हो जाए तो इधर-उधर जाना पड़ता है या फिर टैंकर मंगवाना पड़ता है. पार्षद तो इधर झांकते भी नहीं हैं, वे इधर ध्यान ही नहीं देते.
– राकेश जोगी

पुराना कनेक्शन कट गया है, अब पानी नहीं मिलता. नई लाइन दो घर सामने तक आ चुकी है, लेकिन हमारे यहां नहीं आई. हमें कनेक्शन की जरूरत है. ताकि जल समस्या खत्म हो सके.
– राजू बाई पवार

कनेक्शन देकर पानी की टंकी से सप्लाई के प्रयास कर रहे हैं

गाड़ी अड्डा क्षेत्र में बनी पानी टंकी से एलएनटी ने हमें कनेक्शन नहीं दिए गए. क्षेत्र के कुछ लोग कामों में अड़ंगा भी डालते रहते हैं. फिर भी हम प्रयास कर रहे हैं कि कनेक्शन देकर पानी की टंकी से सप्लाई की जाए.
– मृदुल अग्रवाल, पार्षद

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