सीहोर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में झूलते 11 केवी एवं एलटी विद्युत तारों की चपेट में आने से किसानों की मौत हो चुकी है. गंभीर चोटें और मवेशियों की मौत के मामले सामने आने के बाद अब किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. किसानों ने विद्युत मंडल के जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
ग्राम बड़वेली, अमरूद, महोडिय़ा, कुलासखुर्द, रामाखेड़ी, बिलकिसगंज, चंदेरी, पिपलिया मीरा, चांदी, रातीखेड़ा, मगरखेड़ा सहित दर्जनों गांवों के किसान लगातार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन दे रहे हैं. हाल ही में आक्रोशित किसानों ने कुलांसी नदी में विद्युत मंडल के अधिकारियों के पुतले टांगकर विरोध प्रदर्शन किया था. किसानों ने कहा कि जब खेतों और गांवों में झूलते बिजली तारों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही है. मुख्यमंत्री से ऊर्जा मंत्री तक लगा चुके गुहार किसानों ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, प्रभारी मंत्री, कलेक्टर, एसपी तथा विद्युत मंडल के एमडी भोपाल मुख्यालय तक ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, पीडि़त परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है. किसानों का दावा है कि मुख्यमंत्री निवास से अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए.किसानों की मांग है कि अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता एवं संबंधित सहायक अधिकारियों सहित जिन भी अधिकारियों की लापरवाही जांच में सामने आई है, उनके खिलाफ तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए. किसानों की प्रमुख मांग है कि झूलते विद्युत तारों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, हादसों में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को उचित मुआवजा एवं सरकारी नौकरी दी जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.
