भारतीय क्रिकेट और एशियाई खेलों के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को एक रोमांचक मुकाबले में 19 रनों से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया है।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया है। वह एशियाई खेलों के इतिहास में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।
पाकिस्तान को मिला 212 रनों का लक्ष्य
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में मैदान पर उतरी टीम इंडिया ने फाइनल मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। भारतीय टीम की शुरुआत बेहद शानदार रही। हालांकि, फाइनल के बड़े मंच पर युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और जल्दी पवेलियन लौट गए।
इसके बाद अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की तूफानी पारियों ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़े। इन दमदार पारियों के दम पर भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में पाकिस्तान के सामने 212 रनों का विशाल लक्ष्य रखा।
पाकिस्तानी टीम 192 रनों पर ढेर
212 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन और नियमित अंतरालों पर गिरे विकेटों के कारण वे दबाव में आ गए। पाकिस्तानी टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बाद भी 7 विकेट खोकर 192 रन ही बना सकी और भारत ने यह मैच 19 रनों से जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
सौरभ चौधरी का रिकॉर्ड टूटा
इस जीत के साथ ही वैभव सूर्यवंशी ने भारत के स्टार निशानेबाज सौरभ चौधरी का बरसों पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। सौरभ चौधरी ने साल 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में 16 साल, 3 महीने और 9 दिन की उम्र में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल, 6 महीने और 7 दिन की उम्र में यह कारनामा कर दिखाया है।
मेडल जीतने वाले दूसरे सबसे युवा भारतीय
ओवरऑल एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले सबसे युवा भारतीयों की बात करें, तो वैभव अब इस सूची में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। भारत के लिए एशियाई खेलों में सबसे कम उम्र में मेडल जीतने का रिकॉर्ड संजना बथुला के नाम है, जिन्होंने 2023 हांगझू खेलों में 15 साल, 3 महीने और 11 दिन की उम्र में स्पीड स्केटिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वहीं, स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह 15 साल, 6 महीने और 16 दिन अब इस मामले में तीसरे स्थान पर खिसक गई हैं।
टीम इंडिया और वैभव को बधाई
भारतीय क्रिकेट टीम की इस शानदार सफलता और वैभव सूर्यवंशी के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। अब सोशल मीडिया पर टीम इंडिया और वैभव को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
