सतना : शहर में लंबे समय से जारी दूषित और बदबूदार पेयजल सप्लाई ने नगर निगम प्रशासन और ठेका कंपनी की कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी.शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गुजरात की कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी को 6 करोड़ 87 लाख रुपये का पांच वर्षीय ठेका सौंपा गया था.हालांकि अनुबंध के लगभग दस महीने के भीतर ही कंपनी के दावों की हवा निकल गई और करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता के घरों में बदबूदार पानी पहुंच रहा है.
शहर के लगभग सभी वार्डों में गंदे पानी की आपूर्ति से नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है. मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर और नगर निगम आयुक्त ने व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश दिए थे. स्थिति में कोई सुधार न होने पर नगर निगम प्रशासन ने संबंधित ठेका कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था.
पेटी कांट्रैक्ट बना व्यवस्था बिगड़ने की वजह
मिली जानकारी के अनुसार गुजरात की कृष्णा कंपनी ने स्थानीय स्तर पर वाटर फिल्टर प्लांट के संचालन का काम पेटी पर अमित कामरानी को सौंप दिया था.पेटी कांट्रैक्ट पर काम जाने के बाद फिल्टर प्लांट का प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया जिसका सीधा खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ा.
प्लांट प्रबंधन से हटाया गया पेटी ठेकेदार
नागरिकों के बढ़ते विरोध और नगर निगम के कड़े रुख के बाद अब कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी ने फिल्टर प्लांट की देखरेख से अमित कामरानी को हटा दिया है. हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महज व्यक्ति बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा जब तक प्लांट के तकनीकी संचालन और फिल्टरेशन प्रक्रिया की सख्त निगरानी नहीं होगी तब तक स्वच्छ जल की आपूर्ति संभव नहीं है
इनका कहना
वाटर फ़िल्टर प्लांट का काम गुजरात की कृष्णा कंपनी कर रही है अभी तक यह काम अमित कामरानी देख रहे थे अब कंपनी ने उन्हें हटा दिया है अब कंपनी के कर्मचारी देख रहे है.
हिमांशु ताम्रकार
उप यंत्री जल प्रदाय
