सतना: नगर निगम के वार्ड क्रमांक 17 की भाजपा पार्षद श्रीमती ऊषा गंगा कुशवाहा ने मुक्तिधाम मार्ग से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने जनसुनवाई के बाद अपने आवेदनों को तराजू पर तौलकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी। जिसके बाद एक बार फिर कलेक्टर को आवेदन सौंपकर धरने पर बैठ गईं।
पार्षद ऊषा गंगा कुशवाहा ने बताया कि मुक्तिधाम जाने वाले आम रास्ते से अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर कई बार आवेदन दिए हैं। आवेदनों की संख्या बताने के बजाय उन्होंने उनका वजन करके अपनी बात रखी। पार्षद पति गंगा कुशवाहा के अनुसार, इन आवेदनों का कुल वजन लगभग 700 ग्राम हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई है। पार्षद पति गंगा कुशवाहा ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से लगातार इस समस्या के समाधान के लिए आवेदन और निवेदन कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
निरीक्षण के बावजूद नतीजा शिफर
अधिकारी औपचारिक निरीक्षण करते हैं इस घटना के बाद मामला सार्वजनिक रूप से उठा था और प्रशासन ने स्थल निरीक्षण भी कराया था। हालांकि, पार्षद का आरोप है कि अधिकारियों ने केवल निरीक्षण की औपचारिकता निभाई और अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया, जिससे मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पार्षद ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका यह कदम किसी प्रकार की धमकी नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में जनता की समस्या को लेकर व्यक्त की गई पीड़ा है।
मोहल्ले में ही अंतिम संस्कार
कलेक्टर को संबोधित पत्र में पार्षद ने उल्लेख किया कि मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित मुक्तिधाम तक पहुंचने वाले मार्ग पर दो व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे आम लोगों को मुक्तिधाम तक पहुंचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने 15 नवंबर 2025 की एक घटना का जिक्र किया, जब एक आदिवासी परिवार की महिला की मृत्यु होने पर रास्ता न होने के कारण मोहल्ले के बीच ही अंतिम संस्कार करना पड़ा था।
