हिंगोली, (वार्ता) गांधीवादी कार्यकर्ता और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने बुधवार को जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में हुए आंदोलन तथा अभिजीत दीपके के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने उन्हें सत्याग्रह आंदोलन की याद दिला दी।
छत्रपति संभाजीनगर में युवा नेता अभिजीत से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन के लिए वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई देना चाहते थे। उनके साथ ‘हम भारत’ संगठन के सदस्य फिरोज मीठीबोरवाला भी मौजूद थे। तुषार गांधी ने गांधीवादी विचारधारा और ‘जेन जी’ के एक साथ आने को बेहद महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा, “मेरी अभिजीत से पहले मुलाकात नहीं हुई थी। आज जब मैं संभाजीनगर आया, तो शिष्टाचारवश उनसे मिलना चाहता था। चाहकर भी मैं जंतर-मंतर नहीं जा सका था, इसलिए मुझे लगा कि युवाओं के एक नेता से मिलना मेरे लिए जरूरी है।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए यह सत्याग्रह का ही एक दूसरा रूप था। मैं उनसे मिलना चाहता था, जेन जी के उनके नेतृत्व के लिए उन्हें बधाई देना चाहता था और उनसे यह समझना चाहता था कि भविष्य में उनकी क्या योजनाएं हैं।”
अपने घर में स्वागत करने पर आभार व्यक्त करते हुए श्री गांधी ने लंबे समय बाद उठे इस बड़े युवा आंदोलन पर खुशी जताई।
उन्होंने कहा, “मुझे हमेशा लगता था कि इस देश का युवा एक न एक दिन जरूर जागेगा। मुझे बेहद खुशी है कि यह मेरे जीवनकाल में ही हुआ है। पहली बार मुझे इतनी खुशी महसूस हो रही है कि अब मैं सेवानिवृत्त हो सकता हूं।”
