
भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) भोपाल ने पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की खावड़ा–नागपुर ट्रांसमिशन परियोजना के लिए निर्मित पहली 295 एमवीए, 400 केवी श्रेणी की एचवीडीसी ट्रांसफॉर्मर का सफल परीक्षण कर एक और महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल की है।
यह महत्वपूर्ण परीक्षण बीएचईएल भोपाल स्थित अत्याधुनिक अल्ट्रा हाई वोल्टेज प्रयोगशाला में किया गया। परीक्षण ने उच्च वोल्टेज विद्युत उपकरणों के निर्माण में बीएचईएल की उन्नत इंजीनियरिंग क्षमता, विनिर्माण गुणवत्ता और तकनीकी विशेषज्ञता को प्रदर्शित किया।
इस अवसर पर बीएचईएल भोपाल के कार्यपालक निदेशक पी. के. उपाध्याय, वरिष्ठ महाप्रबंधक तथा पावर ग्रिड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।यह उपलब्धि उच्च वोल्टेज प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बीएचईएल भोपाल की बढ़ती क्षमताओं को रेखांकित करती है और देश की प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजनाओं में स्वदेशी इंजीनियरिंग की भूमिका को मजबूत करती है। एचवीडीसी प्रौद्योगिकी में घरेलू विशेषज्ञता के विकास से आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना से जुड़े परीक्षण, इंजीनियरिंग और उत्पादन दल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के योगदान की सराहना की गई। इस सफलता से भविष्य की एचवीडीसी और अल्ट्रा हाई वोल्टेज परियोजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार होने की उम्मीद है।
