
पांढुरना, प्रशासन के दबाव में मजबूरन स्कूल संचालकों द्वारा टाइमिंग में किए गए परिवर्तन के चलते अभिभावकों एवं स्कूल संचालकों में वाद-विवाद तथा तनाव की स्थिती बनते जा रहीं है,जिसे लेकर अब अभिभावकों के विरोध के स्वर मुखर होने लगे है,प्रशासन के इस निर्णय के चलते अभिभावकों को अब सडक़ पर उतरकर प्रदर्शन करने मजबूर होना पड़ रहा है।
नगर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के जागरूक अभिभावकों ने आज जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर स्कूल टाइमिंग में किए गए परिवर्तन से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ने की बात कहते हुए पूर्व की तरह ही स्कूल का टाइमिंग करने का एक संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौपा।
दो पाली में स्कूल लगाने के निर्देश 000
गौरतलब हो कि सदियों से नगर के शासकीय,अर्धशासकीय तथा निजी शिक्षण संस्थाओं के स्कूल लगने तथा छुट्टी होने के भिन्न-भिन्न समय रहा है,जिससे अभिभावकों के साथ ही सभी स्कूल संचालकों,छात्रों के लिए उपयुक्त रहा है,लेकिन अब जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत सभी स्कूलों के लगने तथा छुट्टी का समय एक ही करने के फरमान सुना दिया है,जिसके तहत सभी स्कूलों को दो पाली में स्कूल संचालन करना होंगा।
प्रशासन द्वारा जारी किया फरमान 000
जारी किए गए आदेशों के तहत नर्सरी से लेकर प्राथमिक स्कूल का समय प्रात: 7:30 बजे से 10:30 बजे तक तथा कक्षा 6 वी से 12वी तक की कक्षाएं सुबह 10:40 से 4:30 बजे तक करने का फरमान सुनाया है।
अभिभावकों एवं स्कूल संचालकों में बढ़ा विवाद 000
वहीं इस नए स्कूल टाइमिंग से छात्रों तथा अभिभावकों को होने वाली परेशानी को लेकर स्कूल संचालकों से चर्चा भी कि गई, लेकिन यह निर्णय प्रशाासन का होने की बात कहते हुए स्कूल संचालकों द्वारा इस समय स्कूल लगाने की बात कहने पर अभिभावकों में तथा स्कूल प्रबंधन में वाद-विवाद की स्थिती बन गई है,वहीं सभी स्कूलों की एक ही समय छुटटी होने पर नगर के मुख्य सडक़ के साथ ही आंतकिर सडक़ों पर एक साथ लगभग दस हजार छात्रों की आवाजाही बढऩे से छात्रों में दुर्घटना होने की संभावना बनने लगी है।
अभिभावकों ने बताई अपनी परेशानी 000
नगर के विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों अभिभावकों ने इस निर्णय के विरोध में आज मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बताया कि स्कूल टाइमिंग में किए गए परिवर्तन के कारण मजदूर वर्ग,निजी,शासकीय नौकरी एवं व्यापारियों को भी अपने-अपने बच्चों को स्कूल से घर लाने ले जाने में भारी परेशानी हो रहीं है। इसके साथ ही छात्रों की पढाई तथा इनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पडऩे की बात बताते हुए सभी स्कूलों का पूर्ववत समय ही रखने के मांग को एक संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन भी सौपा ।
बात नहीं बनी तो हो सकता है बडा आंदोलन 000
जानकारों को मानना है कि चंद व्यापारियों को लाभ पहुंचाने उनके भारी भरकम ट्रकों को बेलगाम होकर नगर के सडक़ों पर दौड़ाने के लिए स्कूल टाइमिंग में जबरन किए जा रहे इस परिवर्तन का यदि जल्दी ही पटाक्षेप नहीं किया गया तो नगर में बड़े व्यापक आंदोलन की भी स्थिति बन सकती है।
