भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार की दो प्रमुख महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं को लेकर आज होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के प्रस्ताव पर विचार संभावित है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से रखे गए इन प्रस्तावों के अलावा बैठक के एजेंडे में आठ विभागों से संबंधित कुल 18 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।
बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लालकिले से दिए गए संबोधन में युवाओं और बच्चों के लिए घोषित कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की प्रतिभा तलाशने के लिए टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। युवाओं को निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। साथ ही एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल की ट्रेनिंग देने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक युवा देशों में शामिल है, ऐसे में एआई के विस्तार और विकास में देश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने नशामुक्त भारत के लिए 100 सप्ताह तक चलने वाले अभियान की जरूरत भी बताई। इसमें प्रमुख हस्तियों, सामाजिक संगठनों और समाज के विभिन्न वर्गों को सहभागी बनाया जाएगा। इसके साथ ही सिविल डिफेंस का मजबूत नेटवर्क तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
नर्मदा संरक्षण के लिए नमन मिशन का प्रस्ताव
कैबिनेट के एजेंडे में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन यानी नमन मिशन भी शामिल है। प्रस्तावित मिशन के माध्यम से नर्मदा संरक्षण और उससे जुड़े विकास कार्यों को संस्थागत स्वरूप देने की योजना है।
कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों में 500 करोड़ रुपए से कम वित्तीय आकार वाली तीन विभागीय योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा गया है। इन योजनाओं की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक प्रस्तावित है।
