वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए भारत की चुनाव व्यवस्था का हवाला दिया। उन्होंने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि 64.6 करोड़ मतदाताओं वाले देश में वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य है, और अमेरिका को भी अपनी चुनाव प्रणाली में ऐसे ही कड़े सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए।
‘सेव अमेरिका एक्ट’ और व्हाइट हाउस का रुख
व्हाइट हाउस के अनुसार, ‘सेव अमेरिका एक्ट’ का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संघीय चुनावों में केवल अमेरिकी नागरिक ही भाग लें। इस प्रस्तावित कानून के तहत वोटिंग के लिए नागरिकता के ठोस सबूत और वैध पहचान-पत्र देना अनिवार्य बनाने के साथ-साथ मेल-इन बैलेट पर भी आवश्यक पाबंदियां लगाने का प्रस्ताव है।
अन्य देशों से चुनावी सुरक्षा की तुलना
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी चुनाव प्रक्रियाओं की तुलना भारत और ब्राजील जैसे देशों से करते हुए कहा कि वहां वोटर पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ा जाता है। इसके विपरीत, अमेरिका में अभी भी नागरिकता के लिए मुख्य रूप से स्व-घोषणा पर ही भरोसा किया जाता है, जिसे बदलने की सख्त जरूरत है।

