वाशिंगटन,18 अगस्त (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देश ओमान को उनके प्रशासन और ईरान के बीच बातचीत में रुकावट डालने की स्थिति में बम से उड़ाने की धमकी दी है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और ओमान, दोनों ही तेहरान के साथ अलग-अलग बातचीत कर रहे हैं ताकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सके। यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ज़रूरी है। अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान यह रास्ता लगभग छह महीनों से ज़्यादा समय से बंद रहा है।
‘फॉक्स’ के एक रिपोर्टर ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ओमान को यह धमकी एक फ़ोन इंटरव्यू के दौरान अपशब्द का इस्तेमाल करते हुए दी।
इससे पहले दिन में ईरानी अधिकारियों ने कहा था कि वे ओमान के साथ एक समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का भविष्य अनिश्चित है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच हुआ 60 दिनों का समझौता ज्ञापन (एमओयू) खत्म होने वाला है।
सोमवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए, जब बीबीसी न्यूज़ ने ट्रंप से पूछा कि क्या वह एमओयू की अवधि बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया: “नहीं।”
फरवरी में अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से, तेहरान ने काफी हद तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जहाँ से आमतौर पर दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और तरल प्राकृतिक गैस गुज़रती है। इसे फिर से खोलना चर्चा का एक अहम मुद्दा रहा है।
ओमान इस जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से से सटा हुआ है और उसका कहना है कि वह इस संघर्ष में एक तटस्थ देश है। हालाँकि, उसे ईरान की ओर से कई हमलों का सामना करना पड़ा है और अब वह इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए तेहरान के साथ बातचीत में अहम भूमिका निभा रहा है।
वॉशिंगटन ने भी इसे फिर से खुलवाने के लिए अपनी कोशिशें की हैं। फॉक्स के रिपोर्टर ट्रे यिंगस्ट ने ट्रंप के हवाले से कहा, “अगर ओमान रास्ते में आया, तो हम उन पर ज़बरदस्त बमबारी करेंगे।”
यह साफ़ नहीं है कि ट्रंप के हिसाब से डील के लिए उनकी महत्वाकांक्षाओं के रास्ते में आने का क्या मतलब है।
फॉक्स के साथ उसी इंटरव्यू के दौरान, ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका, ईरान में एक बड़ी सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक ताकत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के साथ सीधा बैक चैनल के मार्फत संपर्क है।
हालांकि एक प्रवक्ता ने ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम न्यूज़’ को बताया, “आईआरजीसी अधिकारियों और अमेरिकियों के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है। ट्रंप का यह झूठ केवल उनके भ्रम और बुरे सपनों की उपज है, जो उन्हें युद्ध में हार और निराशा के कारण हुए हैं।”
मध्य पूर्व के एक नक्शे में इज़रायल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) , ओमान और ईरान दिखाए गए हैं। इसमें खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को चिह्नित किया गया है, जो ईरान और ओमान के बीच उस संकरे जलमार्ग को दिखाता है जो खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
ट्रंप ने ओमान को यह धमकी तब दी, जब ईरान ने कहा था कि दोनों देशों के बीच इस जलडमरूमध्य से जहाजों के गुजरने को लेकर समझौता हो गया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पत्रकारों को बताया कि “पारगमन मार्ग (ट्रांजिट रूट) के नक्शे को लेकर सहमति बन गई है”।
उन्होंने कहा कि संयुक्त बयान जारी करने से पहले दोनों पक्ष विवरण को अंतिम रूप देंगे। ओमान ने पहले ही इस बातचीत को सकारात्मक बताया है।
