
ओंकारेश्वर, मां नर्मदा की पावन तट और भगवान ओंकारेश्वर महादेव की दिव्य भूमि पर स्थित ओंकारेश्वर पावर स्टेशन में शनिवार 16 अगस्त 2026 को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि परियोजना प्रमुख डी.के. द्विवेदी और लेडीज क्लब अध्यक्षा अंजना द्विवेदी का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के बाद सीआईएसएफ जवानों ने सलामी दी और मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण किया।
*सीआईएसएफ की मॉकड्रिल बनी आकर्षण का केंद्र*
समारोह में सीआईएसएफ जवानों ने पावर स्टेशन की सुरक्षा को लेकर प्रभावी मॉकड्रिल प्रस्तुत की। जवानों ने आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, प्लांट सुरक्षा और हथियारों को निर्धारित प्रक्रिया से असेंबल करने का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। मॉकड्रिल में जवानों की सतर्कता, अनुशासन और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता नजर आई।
*”मशीनें उत्पादन करती हैं, लोग उपलब्धियां रचते हैं” – द्विवेदी*
परियोजना प्रमुख डी.के. द्विवेदी ने संबोधन में कहा कि 15 अगस्त स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को याद करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका पर आत्ममंथन का दिन है। उन्होंने कहा, “जिस भारत के लिए शहीदों ने सर्वस्व न्योछावर किया, उसे विकसित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने ओंकारेश्वर पावर स्टेशन की उपलब्धियों का श्रेय पूरी टीम को देते हुए कहा कि “मशीनें उत्पादन करती हैं, लेकिन लोग उपलब्धियां रचते हैं।”
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना ने 1998.47 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन कर कमीशनिंग के बाद का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया। प्लांट उपलब्धता 99.53% रही। 4 अगस्त 2025 को 13.67 मिलियन यूनिट का सर्वाधिक दैनिक और अगस्त 2025 में 405.44 मिलियन यूनिट का सर्वाधिक मासिक उत्पादन भी हुआ।
श्री द्विवेदी ने 88 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पावर स्टेशन को हरित ऊर्जा और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कर्मचारियों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सुरक्षित कार्यप्रणाली, गुणवत्ता व नवाचार को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक विनोद कुमार सिंह, महाप्रबंधक संजय कुमार, सहायक कमांडेंट राधेश्याम राठौर सहित अधिकारी, कर्मचारी, सीआईएसएफ जवान और उनके परिजन उपस्थित रहे। अंत में सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास की प्रतिबद्धता दोहराई। “जय हिंद” और “वंदे मातरम्” के नारों से परिसर गूंज उठा।
