जबलपुर: मध्यप्रदेश विद्युत कंपनियों के मुख्यालय शक्तिभवन में 80 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उल्लास व गरिमा के साथ मनाया गया। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक व प्रदेश के ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों के अभियंताओं व कार्मिकों से आह्वान करते हुए कहा कि उनका संकल्प हो कि हर घर रोशन हो, हर खेत ऊर्जावान हो, हर उद्योग गतिमान हो, हर कर्मचारी सुरक्षित हो, हर परिवार खुशहाल हो और ऊर्जा के माध्यम से मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर एवं विकसित प्रदेश बने। इस अवसर पर पूर्व क्षेत्र कंपनी के प्रबंध संचालक अजय गुप्ता, पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी, पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन फिरोज कुमार मेश्राम सहित बड़ी संख्या में कार्मिक, सेवानिवृत्त कर्मी, महिलाएं व बच्चे उपस्थित थे।
प्रदेश के बिजली उपलब्धता 26306 मेगावाट-मुख्य अतिथि विशेष गढ़पाले ने कहा कि प्रदेश में पिछले एक दशक से अधिक समय से कृषि कार्य हेतु 10 घंटे और घरेलू बिजली उपभोक्ताओं, इंडस्ट्री व व्यवसाय लिए 24 घंटे बिजली देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जग जाहिर है कि प्रदेश के विकास में बिजली का सबसे बड़ा योगदान है। प्रदेश में बिजली की आवश्यकता के अनुसार बिजली की उपलब्धता बनी हुई है। हमारा प्रयास है कि भविष्य के वर्षों में यह निरंतर बनी रहे। महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान में प्रदेश की विद्युत उपलब्ध क्षमता 26306 मेगावाट है। मध्य प्रदेश भविष्य में भी विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे, इस हेतु डीबीएफओओ मॉडल के अंतर्गत प्रतिस्पर्धात्मक बोली के माध्यम से 4000 मेगावाट दीर्घकालीन ताप विद्युत क्रय किया गया।
63 हजार से अधिक जनजातीय समुदाय के नागरिकों को आवास गृह के विद्युतीकरण का लाभ-देश के ऊर्जा सचिव ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 63 हजार से अधिक जनजातीय समुदाय के नागरिकों को आवास गृह के विद्युतीकरण का लाभ दिलवाया गया। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) के अंतर्गत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया और भारिया समुदाय के 28 हजार से अधिक घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि भी मिली है।
पावर एक्सचेंज के माध्यम से 2009 करोड़ रुपए की अतिशेष विद्युत का विक्रय-विशेष गढ़पाले ने कहा कि वर्ष 2025-26 में पावर एक्सचेंज के माध्यम से 2009 करोड़ रुपए की अतिशेष विद्युत का विक्रय किया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई 2026 तक पावर एक्सचेंज के माध्यम से लगभग 506 करोड़ रुपए की अतिशेष बिजली का विक्रय किया गया। आगामी रबी सीजन में दौरान कृषि कार्य हेतु शीर्ष मांग की आपूर्ति के लिए इस वर्ष जुलाई माह तक लगभग 1823 मिलियन यूनिट बिजली की बैंकिंग अन्य प्रदेशों से की गई। मध्य प्रदेश को यह बिजली रबी सीजन के दौरान प्रीमियम के साथ मिलेगी। प्रधानमंत्री कुसुम योजना एवं सूर्य मित्र कृषि फीडर्स योजना के अंतर्गत अप्रैल 2025 से अभी तक 4885 मेगावाट के कुल एक हजार 10 पावर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) सफलतापूर्वक निष्पादित किए गए हैं।
सतपुड़ा और अमरकंटक की 660-660 मेगावाट की नई यूनिट से वर्ष 2030-31 से मिलेगी बिजली-मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में इतिहास में सर्वाधिक विद्युत उत्पादन 28789.8 मिलियन यूनिट किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमपी जेनको के ताप विद्युत गृहों ने 10 बार 100 से अधिक दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाया। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 29201.45 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। इस दौरान इतिहास में अब तक की न्यूनतम 69 ट्रिपिंग दर्ज हुई। प्रदेश में विद्युत की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए एमपी जेनको द्वारा 660 मेगावाट की एक ताप विद्युत यूनिट अमरकंटक ताप विद्युत गृह व एक यूनिट सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में स्थापित की जा रही हैं। अमरकंटक ताप विद्युत यूनिट की अनुमानित लागत 11476 करोड़ रुपए व सतपुड़ा ताप विद्युत यूनिट की अनुमानित लागत 11678 करोड़ रुपए है। इन परियोजनाओं से उत्पादित होने वाली बिजली का लाभ प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2030-31 से प्राप्त होना संभावित है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी पारम्परिक ऊर्जा के साथ अब गैर वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन की ओर भी कदम बढ़ा रही है। एमपी जेनको प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 110 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना करेगी।
एमपी ट्रांस्को ने पिछले वित्तीय वर्ष में 1 लाख 756 मिलियन यूनिट का बिजली किया पारेषण-मुख्य अतिथि विशेष गढ़पाले ने कहा कि एमपी ट्रांस्को ने ट्रांसमिशन लॉसेस को मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के निर्धारित लक्ष्य 2.74 प्रतिशत के मुकाबले 2.60 प्रतिशत तक सीमित रखा। एमपी ट्रांस्को ने मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के 98 फीसदी के निर्धारित मापदंड की तुलना में 99.52 प्रतिशत पारेषण प्रणाली की उपलब्धता अर्जित की। एमपी ट्रांस्को ने पिछले वित्तीय वर्ष में तमाम चुनौतियों के बावजूद 1 लाख 756 मिलियन यूनिट का बिजली का पारेषण किया। एमपी ट्रांसको द्वारा वर्तमान में 13000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन से पेट्रोलिंग की जा रही है। एमपी ट्रांसको ने प्रथम चरण में 10761 एवं द्वितीय चरण में 11060, इस तरह कुल 21821 फाइबर-पेयर किलोमीटर नेटवर्क निजी कंपनियों को लीज पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे कंपनी को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। अभी हाल में मध्यप्रदेश के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) ने अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन हासिल किया है। पावर सेक्टर की इस उपलब्धि से प्रदेश की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।
40 लाख से अधिक घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए गए-प्रदेश की तीनों डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां उपभोक्ताओं को सतत् व गुणवत्तापूर्ण बिजली सप्लाई करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। डिस्कॉम द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने में किसी भी प्रकार की रूकावट न आए। तीनों डिस्कॉम के माध्यम से प्रदेश में 1 करोड़ 34 लाख घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। अब तक 40 लाख से अधिक घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। तीनों डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 32831.45 करोड़ रूपए की राजस्व वसूली कि जो कि ठीक इसके पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 5.69 फीसदी अधिक है। मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में तीनों डिस्कॉम के 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं द्वारा लाभ लिया गया। इस योजना का लाभ लेने वाले बिजली उपभोक्ताओं का 473 करोड़ 39 लाख रुपए का सरचार्ज माफ किया गया। नियामक बदलावों और लक्ष्य निर्धारण के लिए एक आंतरिक पहल के रूप में ‘संवाद’ त्रैमासिक एक-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। 03 अगस्त को प्रथम संवाद कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित की गई। तीनों डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां लगातार बेहतर कार्य कर रही हैं। वितरण कंपनियों ने वर्तमान वित्त वर्ष के साथ-साथ अगले तीन वर्षों के लिए अपने लक्ष्य तय कर लिए हैं।
विद्युत कंपनियों में 9 हजार से अधिक कार्मिकों को मिली पदोन्नति-स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि विशेष गढ़पाले ने कहा कि बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ सरकार और बिजली कंपनियों ने उसके आधार स्तंभ कार्मिकों के कैरियर, स्वास्थ्य, आर्थिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्य वातावरण को भी प्राथमिकता दी है। नौ वर्षों से लंबित पदोन्नति का रास्ता खुलने से विद्युत कंपनियों के 9 हजार से अधिक अभियंताओं व कार्मिकों को पदोन्नत किया गया। इस प्रकार कंपनी द्वारा नियुक्त लाइन कर्मचारियों की आयु 55 से बढ़ाकर 62 वर्ष करना, संविदा कार्मिकों के वेतन में 4.46 प्रतिशत वृद्धि, संविदा कार्मिकों को नियमित करने की प्रक्रिया, संविदा आधार पर अनुकंपा में नियुक्त कार्मिकों को नियमित करना, कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर रोको-टोको विशेष अभियान और समस्त बिजली कंपनियों के कार्मिकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना को लागू करना, महत्वपूर्ण फैसले हैं। कैशलेस स्वास्थ्य योजना में संविदा कार्मिक और पेंशनरों को भी इसके दायरे में रखा गया है।
110 विद्युतकर्मी पुरस्कृत-समारोह के मुख्य अतिथि विशेष गढ़पाले ने उत्कृष्ट कार्यनिष्पत्ति व बेहतर प्रदर्शन के लिए पावर मैनेजमेंट कंपनी के 25 और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 85 अभियंताओं व कार्मिकों को पुरस्कृत किया। वर्ष 2025-26 में न्यूनतम विद्युत दुर्घटना के लिए विदिशा सर्किल को चलित शील्ड प्रदान की गई। वर्ष भर में खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगलिया, केन्द्रीय कार्यालय जबलपुर व अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने पर चलित शील्ड प्रदान की गई। एमपी पावर के आठ खिलाड़ियों को अखिल भारतीय विद्युत क्रीड़ा नियंत्रण प्रतियोगिता में पदक जीतने पर पुरस्कृत किया गया। समारोह की परेड का नेतृत्व सुरक्षा निरीक्षक संजय सिंह ने किया। सुरक्षा विभाग के बैंड दल ने रमेश चंद्रावत के नेतृत्व में राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत मधुर धुनों को प्रस्तुत किया। केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के बाल कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन जनसम्पर्क अधिकारी पंकज स्वामी ने और आभार प्रदर्शन कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन फिरोज कुमार मेश्राम ने किया
