ध्वजारोहण के बाद 18 बंदियों को मिली आजादी

जबलपुर: स्वतंत्रता दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय कारागार में आज गरिमामय माहौल में ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ। देशभक्ति के गीतों और राष्ट्रगान की गूंज के बीच बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई। जेल प्रशासन ने बंदियों की आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई और अंतिम मेडिकल जांच की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया। सभी औपचारिकताएं सही पाए जाने पर उन्हें जेल के मुख्य द्वार से ससम्मान विदा किया गया। आज की सुबह 18 बंदियों के लिए जीवन की एक नई शुरुआत लेकर आयी है। सलाखों के पीछे बिताए गए अनुशासित जीवन और उत्तम आचरण का इनाम पाते हुए ये बंदी आज सुबह हमेशा के लिए आजाद हो गए। जेल के मुख्य द्वार से जैसे ही ये मुक्त होकर बाहर निकले, वहां तड़के से इंतजार कर रहे परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपनों को गले लगाते ही कई परिवारों की आंखें भावुकता से नम हो गईं।
जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश ने बताया कि समय पूर्व रिहा होने वाले इन बंदियों में 17 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं। रिहा होने वाले कैदियों में न केवल जबलपुर संभाग, बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बंदी भी शामिल हैं। इन सभी ने अपनी सजा का एक लंबा और कठिन हिस्सा सलाखों के पीछे काटा है। इस दौरान उन्होंने न केवल जेल के कड़े अनुशासन का पालन किया, बल्कि विभिन्न रचनात्मक और सुधारात्मक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया।
इन 18 बंदियों के जीवन में लौटा नया सवेरा
जेल प्रशासन द्वारा रिहा किए गए बंदियों में गन्नू उर्फ गन्नूलाल, रवि कुमार रजक, संतोष बर्मन, रामनारायण उर्फ नारायण, राजू, हरदयाल, रामदयाल, जेठूलाल, संतोष मरावी, संतोष मरावी, सुखदास , पन्नालाल तुरकर, राजेंद्र, छन्नूलाल, मलातीबाई पति राजू, राजेश, संतोष कुमार शैल उर्फ पिल्लूू, मोहीउद्दीन शामिल है। जैसे ही बंदियों की रिहाई हुई, परिजनों ने मिठाई खिलाकर और गले लगाकर उनका स्वागत किया। परिजनों का कहना है कि यह उनके लिए किसी नए जीवन से कम नहीं है।

Next Post

स्वतंत्रता दिवस पर MP पुलिस और स्वयंसेवकों का सम्मान, कई अफसरों-कर्मचारियों को मिले पदक

Sat Aug 15 , 2026
भोपाल: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश में पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों को उनकी सेवा और अच्छे काम के लिए सम्मानित किया गया। इस सूची में सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक, पुलिस विभाग का सराहनीय सेवा पदक और नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा का सराहनीय सेवा पदक […]

You May Like