
ग्वालियर। अलग-अलग हत्या के मामलों में केन्द्रीय जेल ग्वालियर में बंद 6 कैदियों को इस स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर रिहा किया जाएगा। जेल मुख्यालय से इन कैदियों की रिहाई का आदेश जेल पर आ चुका है।
जेलर अनिरुद्ध सिंह नरवरिया ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर रिहा होने वाले कैदियों में रामवरन पुत्र झाराम शर्मा, सूरज उर्फ पापे पुत्र नवल कुशवाह, नरेन्द्र पुत्र गोपाल आदिवासी, रज्जन पुत्र रमेश कुशवाह, प्रमोद उर्फ बब्लू पुत्र वीरेन्द्र यादव और पप्पू उर्फ मोहित पुत्र महेश चौरसिया शामिल हैं।
इन सभी कैदियों को कल 15 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे रिहाई का सर्टिफिकेट, शॉल और श्रीफल भेंट कर विदा किया जाएगा।
जुर्माना नहीं भरा तो रुक सकती है एक की रिहाई
जेलर नरवरिया ने बताया कि कैदी पप्पू उर्फ मोहित को सजा में माफी मिल चुकी है, जिसके चलते उसे रिहा किया जाना है। लेकिन उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना है, जो अभी तक जमा नहीं हुआ है। यदि 14 अगस्त की शाम तक जुर्माना जमा कर दिया जाता है तो उसे भी स्वतंत्रता दिवस पर रिहा कर दिया जाएगा, अन्यथा उसकी रिहाई रोक दी जाएगी।
कैसे मिलती है रिहाई?
जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदियों को 20 वर्ष तक सजा काटना होता है। साथ ही कैदियों के चाल-चलन, व्यवहार और जेल में गतिविधियों के आधार पर सजा में माफी दी जाती है। इन 6 कैदियों को 6 वर्ष की माफी देने के बाद रिहा किया जा रहा है। माफी का प्रस्ताव जेल अधीक्षक द्वारा मुख्यालय भेजा जाता है, जिस पर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद रिहाई होती है।
