
ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश की सभी जिला और तहसील अदालतों के लिए एक विशेष ‘हेल्थ कैंप और ओपीडी फ्रेमवर्क’ तैयार किया है। अत्यधिक कार्य-तनाव और व्यस्त दिनचर्या को देखते हुए अब कोर्ट परिसरों में ही नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कोर्ट परिसरों में एलोपैथिक और आयुष डॉक्टरों की ओपीडी आयोजित होगी। बीपी, शुगर, ईसीजी जैसी बुनियादी जांचों के साथ फर्स्ट-एड, इमरजेंसी किट और एम्बुलेंस की सुविधा रहेगी। न्यायाधीशों, वकीलों और कर्मचारियों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए मेंटल हेल्थ और वेलनेस सेशन आयोजित किए जाएंगे। इस सुविधा का लाभ न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कोर्ट स्टाफ के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले पक्षकारों (आम जनता) को भी मिलेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समन्वय से कोर्ट परिसरों में ‘मेडिकल केयर रूम’ बनाए जाएंगे। इस पहल से प्रदेश भर के हजारों अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और प्रतिदिन अदालतों में आने वाले लाखों पक्षकारों को बड़ी राहत मिलेगी।
