सतना :आरोपियों ने नाबालिग लडक़ी का अपहरण कर उसे एक व्यक्ति को बेच दिया. उस व्यक्ति ने नाबालिग लडक़ी से कथित तौर पर विवाह कर उसका दैहिक शोषण किया. तीन वर्ष पुराने इस प्रकरण में बालिकाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों के विरुद्ध कड़ा संदेश देते न्यायालय द्वारा हुए 2 महिलाओं समेत 5 आरोपियों को 20-20 वर्ष की सजा सुनाई गई.विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमरपाटन मानवेंद्र सिंह के न्यायालय द्वारा नाबालिग बालिका के अपहरण, मानव तस्करी और पाक्सो एक्ट से संबंधित प्रकरण में राजू मेवाड़ा 19 वर्ष, राजू की पत्नी नीता रावत 28 वर्ष दोनों निवासी भोपाल, सुनील गौर 22 वर्ष निवासी सीहोर, दिनेश उर्फ देव नारायण गौर 30 वर्ष निवासी सीहोर और भूरीबाई कोल निवासी रामनगर को दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष का कठोर कारावास और अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई.
इस मामले की फरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक पंकज कुमार पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना 15 जून की सुबह 5 बजे उस वक्त हुई जब राजू मेवाड़ा ने अपने एक अन्य साथी की सहायता से घर के बाहर पानी भरने गई नाबालिग लडक़ी का मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपहरण कर लिया गया था. जिसके बाद आरोपी ने कुछ अन्य आरोपियों की सहायता से नाबालिग लडक़ी को 40 हजार रु में सुनील गौर को बेच दिया. नाबालिग होने के बावजूद भी सुनील ने लडक़ी के साथ कथित विवाह किया और फिर उसके साथ दैहिक संबंध बनाए. घटना की शिकायत होने पर पुलिस ने तलाश शुरु करते हुए लडक़ी को दस्तयाब कर लिया. जिसके बयान के आधार पर एक एक करके घटना में शामिल रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. विशेष लोक अभियोजक के अनुसार चिकित्सकीय परीक्षण, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्यों सहित साक्षियों को न्यायालय के समक्ष मजबूती के साथ प्रस्तुत करने से आरोपियों को दोष सिद्ध कराते हुए कठोर दण्ड दिलाने में सफलता मिली
