बागली: बच्चो को पढ़ाई खेल क्रीड़ा और साहित्य पाठन एक साथ एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो तो उनका ज्ञान निश्चित बढ़ता है। ऐसा ही सब कुछ बागली के नवीन निर्मित भवन में संचालित सांदीपनी स्कूल में देखने को मिला नवभारत संवाददाता सुनील योगी जब स्कूल परिसर में पहुंचे और देखा सुसज्जित लाइब्रेरी जिसमें 2500 से अधिक विभिन्न साहित्य से जुड़ी पुस्तक जिसमें धार्मिक कहानी किस्से प्राचीन पुस्तक के अलावा प्रतिस्पर्धा पुस्तकों की संख्या दिखाई दी लाइब्रेरी संचालीका सोनम राठोड़ ने बताया कि खाली समय जब बच्चों के पास रहता है। वह लाइब्रेरी में आकर यहां रखी पुस्तकों में से मनपसंद पुस्तक निकाल कर पढ़ते हैं। ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक पुस्तकों को पढ़ने से उनके ज्ञान में वृद्धि होती है।
विद्यालय परिवार के शिक्षक साथी सुनील पाटीदार एवं विलाम सर ने बताया कि यहां रखी पुस्तकें धर्म साहित्य जानकारी वाली तो है ही लेकिन आगामी कोर्स की जानकारी देने वाली पुस्तक भी यहां रखी गई है। विगत दिनों देवास जिला कलेक्टर के निर्देश पर स्कूल शिक्षकों की टीम पलकों से मिली और उनसे भी पुस्तक दान सहयोग करने की बात कही यह अभियान फिर से चलाया जाएगा संस्था के प्राचार्य शालिग्राम भारती ने बताया कि एक ही छत के नीचे छात्र-छात्राओं को सभी प्रकार की सुविधा मिल रही है। विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष का परीक्षा परिणाम भी जिले में बेहतर रहेगा सभी शिक्षक इस और मेहनत कर रहे हैं बच्चों को रिलैक्स रहे इसलिए समय-समय पर सांस्कृतिक साहित्यिक और खेलकूद प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है।
लाइब्रेरी के विषय में उन्होंने बताया कि यहां मुंशी प्रेमचंद देवकीनंदन खत्री सुमित्रानंदन पंत कबीर दास मीरा वाल्मीकि रामायण सहित ऐसी पुस्तक भी है जो बच्चों को ज्ञानवर्धक मनोरंजन करवाती है जिनमें शामिल जातक कथाएं विक्रम बेताल की कथाएं शामिल है। पुस्तकों का रखरखाव बेहतर तरीके से किया जाता है। पढ़ने वाले छात्र-छात्रा यहीं पर पढ़कर पुस्तक फिर से अलमारीयो में रख देते हैं आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी वर्तमान में 2500 पुस्तक है ।इसे बढ़ाकर 25000 तक किया जाएगा।
