
शाजापुर, कृषि विज्ञान केन्द्र शाजापुर द्वारा 12 एवं 13 अगस्त को राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन अंतर्गत कृषि विभाग शाजापुर के सहयोग से दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन ग्राम मालीखेड़ी विकासखण्ड मोहन बड़ोदिया में किया गया. मुख्य अतिथि भारतीय किसान संध के जिलाध्यक्ष सवाई सिंह सिसोदिया एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जीआर अम्बावतिया थे.
कार्यक्रम में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एसएस धाकड़, वैज्ञानिक डॉ. गायत्री वर्मा रावल, डॉ. मुकेश सिंह, डॉ. डीके तिवारी, डीडीएम नाबार्ड पंकज मेवाले एवं कृषि विभाग से ऋषभ मुखाती एवं उद्यानिकी विभाग से जेपी परमार, ग्राम मालीखेड़ी के सरपंच भोजराज के साथ प्रगतिशील कृषक भागीरथ तोमर एवं 70 से अधिक प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिसोदिया ने कहा कि भारत को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाना समय की आवश्यकता है. उन्होंने किसानों को तिलहनी फसलों का वैज्ञानिक विधि से उत्पादन करने का आग्रह किया. विशिष्ट अतिथि डॉ. अम्बावतिया ने किसानों को तिलहनी फसलों के उत्पादन के साथ-साथ औषधीय फसलों के उत्पादन के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम में पंकज मेवाले, डीडीएम नाबार्ड ने फसल बीमा योजना एवं कृषकों के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी. इस दौरान केन्द्र प्रमुख डॉ. धाकड़ द्वारा तिलहनी फसलों हेतु उन्नत कृषि यंत्रों की उपयोगिता विशेषकर फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी दी. भूमि एवं जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने के लिए प्रेरित किया, जिससे बोई गयी फसलों की उत्पादकता बढ़ सके. अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.
