
इतना ही नहीं यह हिस्सा पूरी तरह खुल चुका था और इसमें संक्रमण भी था। मरीज को काफी गंभीर हालत में फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर में भर्ती कराया गया, उस वक्त वह गंभीर रूप से एनीमिया (खून की भारी कमी), कुपोषण, और सेप्सिस (रक्त में गंभीर संक्रमण) से ग्रस्त थीं। उनके स्तन में ट्यूमर भी फैल चुका था और यह खुलकर जख्म में बदल गया था जिससे बदबूदार स्राव भी हो रहा था। पीईटी-सीटी स्कैन से उनके स्तन में विशालकाय ट्यूमर की पुष्टि हुई, लेकिन कैंसर शरीर के दूरदराज के अंगों या लिंफ नोड्स तक नहीं फैल पाया था।
मरीज की नाजुक स्थिति देखते हुए, डॉक्टरों ने सर्जरी से भी पहले उनकी सेहत में सुधार करने और उनके संक्रमण को नियंत्रित करने का फैसला किया। इसके बाद मेडिकल टीम ने सावधानीपूर्वक उनका कैंसर ग्रस्त ट्यूमर निकाला। उनके स्तन की त्वचा भी काफी हद तक प्रभावित हुई थी, और ऐसे में उनके जख्म को भरने के लिए विशेष देखभाल तथा सर्जिकल एरिया को स्किन ग्राफ्ट से ढकने की जरूरत थी। इन प्रक्रियाओं के बाद मरीज का जख्म भर गया और वह धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ करने लगीं। मरीज को कीमोथेरेपी और फिर रेडियोथेरेपी से गुजारा गया और तब ब्रेस्ट रीकंस्ट्रक्शन की प्लानिंग की गई।
ब्रेस्ट ऑन्कोप्लास्टिक सर्जन ,डॉ मानसी चौहान, ने बताया, “यह काफी चुनौतीपूर्ण मामला था क्योंकि मरीज के स्तन में न केवल विशालकाय ट्यूमर पनप चुका था बल्कि उसमें गंभीर इंफेक्शन भी फैलने लगा था, वह एनीमिया और कुपोषण की भी शिकार थीं। इसलिए, उनकी सर्जरी से पहले हमें उनकी हालत में सुधार करने की जरूरत थी और इंफेक्शन को भी नियंत्रित करना जरूरी था। उनकी हालत जब कुछ हद तक स्थिर हो गई, तो मेडिकल टीम ने उनके स्तन में फैल चुके कैंसरग्रस्त ट्यूमर को सावधानीपूर्वक सर्जरी की मदद से निकाला और इसके बाद स्तन में फैले जख्म को भरने की प्रक्रिया शुरू हुई। सर्जरी के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ और तब उन्हें अगले चरण के उपचार के तौर पर कीमोथेरेपी तथा उसके बाद रेडियोथेरेपी से गुजारा गया।
इस मामले ने एक बार फिर इस बात को दर्शाया है कि स्तन की संरचना में ज़रा भी बदलाव को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और यही वजह है कि समय पर मेडिकल जांच कराना महत्वपूर्ण होता है।
श्री इंद्रजीत कुमार सिंह, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा कि उक्त मरीज बेहद जटिल कंडीशन के साथ हमारे पास आयी थीं और उनके इलाज के लिए हर स्टेज पर अस्पताल की विभिन्न विशेषज्ञ टीमों के बीच भरपूर तालमेल की आवश्यकता थी। इस बात को लेकर खुशी है कि हम उन्हें विस्तृत कैंसर सुविधा दे सके जिससे वह उपचार के अगले चरण के लिए तैयार हो सकीं। फोर्टिस मानेसर देश-विदेश से उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए एडवांस और दयाभाव के साथ पूरी देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
