भोपाल :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की ताकत उसकी युवा आबादी और विविधता में एकता की भावना है। उन्होंने कहा कि राजनीति केवल नेताओं तक सीमित क्षेत्र नहीं है, बल्कि शिक्षित और जागरूक युवाओं की भागीदारी से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।
गुरुवार को विधानसभा भवन में आयोजित ‘संसद यूथ पार्लियामेंट-2026’ के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 12 राज्यों और 58 शहरों से युवाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को मिनी इंडिया का स्वरूप दे दिया है। देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहा है और ऐसे समय में युवाओं का लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़ना महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने युवा संसद में बेटियों की भागीदारी को महिला सशक्तीकरण का उदाहरण बताते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लोकतंत्र में उनकी भूमिका को और व्यापक बनाएगा। उन्होंने भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति के महत्व और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना का उल्लेख भी किया।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में इसके लिए व्यापक स्तर पर सुझाव लिए गए हैं। उनके अनुसार, यूसीसी को लेकर हुए सर्वे में 76 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं ने इसका समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून की नजर में राम और रहीम के लिए समान व्यवस्था होनी चाहिए।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार न्यायपालिका के निर्णयों का सम्मान करती है। उन्होंने युवाओं से डॉक्टर, इंजीनियर सहित अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने के साथ राजनीति में भी आने और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के योगदान को याद करते हुए नेताजी सुभाषचंद्र बोस का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बोस ने आईसीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अंग्रेजी शासन की नौकरी छोड़कर देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का रास्ता चुना था। स्वतंत्रता अनेक सेनानियों के त्याग और बलिदान का परिणाम है, इसलिए युवाओं को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
