भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल बिरसा ब्लॉक में दूषित पानी और संक्रामक बीमारियों से आदिवासी बच्चों की मौतों पर गंभीर चिंता जताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सिंह ने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह में 11 आदिवासी बच्चों की मौत हुई है, जबकि जिला प्रशासन ने सात मौतों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बालाघाट जिला अस्पताल में 100 से अधिक बच्चों के भर्ती होने की जानकारी है, जिनमें करीब 40 से 50 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सिंह के अनुसार बोंडारी, कुंडेकसा, कोरका और आसपास के गांवों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इन क्षेत्रों में मलेरिया, निमोनिया, बुखार, खांसी-जुकाम और त्वचा संबंधी बीमारियों के मामले सामने आने का दावा किया गया है। उन्होंने दूषित पानी और प्रशासनिक लापरवाही को संकट की संभावित वजह बताया।
उन्होंने मामले की राज्यस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रभावित गांवों में भेजकर चिकित्सा शिविर लगाने को कहा।
गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नागपुर, रायपुर या भोपाल एयरलिफ्ट कर सरकारी खर्च पर उपचार कराने तथा मृत बच्चों के प्रत्येक परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है।
