सतना : पालक-शिक्षक संघ और अभिभावकों सहित स्थानीय रहवासियों से प्राप्त गंभीर शिकायतों के आधार पर जब एसडीएम के नेतृत्व में उच्च स्तरीय दज जांच करने के लिए पहुंचा तो वहां पर उन्हें विद्यालय के नाम पर भद्दे मजाक सरीखी व्यवस्था नजर आई. शैक्षणिक माहौल से पूरी तरह प्रतिकूल उक्त विद्यालय में अधकचरी व्यवस्थाओं के साथ आधारभूत सुविधाएं भी नदारद नजर आईं. इसी कड़ी में कई तरह की अन्य अनियमितताओं के भी सामने आने पर मामले की कहराई से जांच शुरु कर दी गई है.
शहर के हनुमान नगर नई बस्ती क्षेत्र में स्थित विलियम अब्राहम लिंकन कान्वेंट इंगलिश मीडियम स्कूल के विरुद्ध पालक शिक्षक संघ, अभिभावक और स्थानीय रहवासियों द्वारा गंभीर शिकायतें की गई थीं. जिसके मद्देनजर एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिय़ा, जिला शिक्षा कार्यालय के प्रतिनिधि राजीव अर्गल सहित उच्च स्तरीय जांच दल बुधवार को उक्त विद्यालय में जांच करने के लिए पहुंचा. टीम ने सबसे पहले जब डाइस कोड से जांच शुरु की तो मालुम हुआ कि एक ही डाइस कोड का उपयोग करते हुए तीन अलग अलग स्थानों पर विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं. लिहाजा इसे गंभीर मानते हुए गहराई से जांच शुरु करने के निर्देश दे दिए गए. विद्यालय द्वारा प्रस्तुत रिकार्ड में संचालन किराए के भवन में होना दर्शाया गया है. लेकिन जब टीम ने भौतिक सत्यापन किया तो विद्यालय शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बनाया जाना पाया गया. जिसे देखते हुए इस मामले के भी जांच के निर्देश दे दिए गए. इतना ही नहीं विद्यालय परिसर में न सिर्फ एक अन्य व्यक्ति का आवासीय मकान मौजूद था, बल्कि पिछले हिस्से में मवेशी भी बंधे हुए पाए गए. वहीं एक ब्यूटी पार्लर का बोर्ड भी लगा मिला.
महज 12 शिक्षक कार्यरत
जांच दल ने पाया कि विद्यालय में एलकेजी से लेकर कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई होती है. लेकिन उसके लिए महज 12 शिक्षक ही कार्यरत मिले. अधिकांश शिक्षकों के पास बी.एड. की अनिवार्य अर्हता भी नहीं थी. रिकार्ड में जिन शिक्षकों को बी.एड. दर्शाया गया था वे विद्यालय से अनुपस्थित थे. इसी कड़ी में यह भी पाया गया कि शिक्षकों द्वारा कोई भी शिक्षण डायरी, वेतन पंजी, स्कॉलर पंजी अथवा बच्चों का प्रवेश रजिस्टर संधारित नहीं किया गया था. इसके अलावा विद्यालय में बच्चों के लिए डिजिटल क्लास, कंप्यूटर लैब, खेल मैदान, और पुस्तकालय जैसी आधारभूत सुविधाएं दूर दूर तक नजर नहीं आईं.
नरकीय स्थिति में शौचालय
जांच में यह भी सामने आया कि आधारभूत सुविधाओं के आभाव के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा के मोर्चे पर भी संस्था पूरी तरह संवेदनहीन है. परिसर में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला. पूरे विद्यालय में महज एक फायर एक्सटिंग्विशर को रखते हुए अग्रि सुरक्षा के नियमों की औपचारिकता निभाई जा रही थी. बच्चों को स्वच्छ पानी पीने के लिए न तो आरओ और न ही वाटर कूलर लगाया गया था. इतना ही नहीं बल्कि छात्र और छात्राओं के लिए अलग अलग शौचालय भी नहीं था. पूरे विद्यालय में महज एक शौचालय मिला जो न सिर्फ अत्यंत छोटा था बल्कि उसकी स्थिति नरकीय नजर आ रही थी
