श्योपुर: सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद द्वारा आज आदिवासी विकासखण्ड मुख्यालय कराहल स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र कराहल का भ्रमण करते हुए हेचरी सहित ब्रीडर पॉन्ड आदि का निरीक्षण किया गया।
उल्लेखनीय है कि मत्स्य बीज प्रक्षेत्र कराहल मछली बीज के ब्रीडिंग केन्द्र के रूप में मत्स्यबीज का उत्पादन कर रहा है। मत्स्य बीज प्रक्षेत्र कराहल लगभग 14.87 हेक्टयर एरिया में स्थापित है, जहां पर मत्स्य बीज उत्पादन होता है। इस केन्द्र पर न केवल हेचरी बल्कि तीन ब्रीडर पॉन्ड भी बने हुए है, इसके अलावा 52 नर्सरी पॉन्ड है। प्रयोगशाला की सुविधा भी इस केन्द्र पर उपलब्ध है। इन सब सुविधाओं एवं व्यवस्थाओ के माध्यम से व्यापक स्तर पर मछली बीज का उत्पादन कर मत्स्य कृषको को प्रदाय किया जाता है। श्योपुर जिल में 1759 वाटर एरिया है, जहां मछली उत्पादन होता है।
सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद द्वारा जिले में मत्स्यपालन को निरंतर बढाये जाने और शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत मत्स्य पालन से जुडे लोगों को लाभ प्रदान करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने निर्देश दिये कि ऐसे स्व सहायता समूह जो मत्स्यपालन अपनाना चाहते है, उन्हें तालाब पट्टे पर दिये जाने की प्रक्रिया शुरू की जायें। इस अवसर पर प्रभारी सहायक संचालक मत्स्य विभाग श्री नीरज शर्मा द्वारा मत्स्य बीज प्रक्षेत्र कराहल में संचालित गतिविधियों, मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य पालको को बीज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आदि के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर प्रभारी सहायक संचालक मत्स्य विभाग नीरज शर्मा, डीपीएम एनआरएलएम सोहनकृष्ण मुदगल, सहायक मत्स्य अधिकारी वंदना गोयल एवं मत्स्यपालन से जुडे स्वसहायता समूहो की सदस्य कलिया बाई कुशवाह, गंगा आदिवासी, भूरी पटेलिया एवं कमली पटेलिया आदि मौजूद रहें।
